केरलम में सीएम का नाम घोषित, वीडी सतीशन संभालेंगे मुख्यमंत्री का पद, चुनाव रिजल्ट के 10 दिन बाद कांग्रेस का ऐलान
May 14, 2026 12:31 PM
तिरुवनंतपुरम: केरल में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की ऐतिहासिक जीत के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया। कांग्रेस ने गुरुवार को वरिष्ठ नेता वी डी सतीशन को केरल का अगला मुख्यमंत्री घोषित कर दिया। विधानसभा चुनाव परिणाम आने के करीब 10 दिन बाद पार्टी हाईकमान ने इस फैसले पर मुहर लगाई। 61 वर्षीय सतीशन पारावूर सीट से विधायक हैं और राज्य की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। पार्टी के भीतर कई दौर की बैठकों और सहयोगी दलों से चर्चा के बाद उनके नाम पर सहमति बनी। कांग्रेस के इस फैसले को राज्य में संगठन और गठबंधन संतुलन साधने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।
तीन नेताओं के बीच चल रही थी दौड़
केरल में मुख्यमंत्री पद के लिए कांग्रेस के भीतर कई दिनों से मंथन चल रहा था। इस दौड़ में कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल, वरिष्ठ नेता रमेश चेन्नीथला और वी डी सतीशन प्रमुख दावेदार माने जा रहे थे। पार्टी हाईकमान लगातार सभी नेताओं और सहयोगी दलों से राय ले रहा था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक राहुल गांधी की पहली पसंद केसी वेणुगोपाल को माना जा रहा था। राहुल गांधी ने 11 मई को दिल्ली में वेणुगोपाल से अलग से मुलाकात भी की थी। हालांकि अंतिम चरण में कांग्रेस नेतृत्व ने वी डी सतीशन के नाम पर सहमति बनाई। पार्टी के भीतर इसे संगठनात्मक और राजनीतिक संतुलन का फैसला माना जा रहा है।
सतीशन को मिला सहयोगी दलों का समर्थन
मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस विधायकों की बैठक में केसी वेणुगोपाल को बड़ी संख्या में विधायकों का समर्थन मिलने की चर्चा थी। रिपोर्ट्स के अनुसार 75 से 80 प्रतिशत विधायक उनके पक्ष में बताए गए थे, जबकि सतीशन को सीमित समर्थन मिला था। इसके बावजूद बाद के घटनाक्रम में सतीशन के पक्ष में माहौल मजबूत होता गया।
UDF के सहयोगी दल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) और केरल कांग्रेस (जोसेफ) ने खुलकर वी डी सतीशन का समर्थन किया। कई पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों ने भी सतीशन को मुख्यमंत्री बनाने की वकालत की थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गठबंधन सहयोगियों की राय ने हाईकमान के फैसले में अहम भूमिका निभाई।
102 सीटों की जीत के बाद बढ़ा दबाव
केरल विधानसभा चुनाव में UDF ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 140 में से 102 सीटों पर जीत दर्ज की। कांग्रेस को अकेले 63 सीटें मिलीं। इस जीत के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी के भीतर दावेदारी तेज हो गई थी। परिणाम आने के बाद कई दिनों तक नेतृत्व को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। कांग्रेस नेतृत्व पर जल्द फैसला लेने का दबाव भी लगातार बढ़ रहा था। पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच अलग-अलग नेताओं के समर्थन में प्रदर्शन भी देखने को मिले। ऐसे में हाईकमान ने लंबी चर्चा के बाद अंततः सतीशन के नाम की घोषणा कर दी।
कौन हैं वी डी सतीशन
वी डी सतीशन केरल कांग्रेस के अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं। वह पारावूर सीट से छह बार विधायक रह चुके हैं और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। कांग्रेस संगठन में उनकी पहचान साफ छवि और आक्रामक वक्ता के रूप में रही है। 2021 के बाद पार्टी के कमजोर दौर में सतीशन ने संगठन को फिर से मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि जनता के बीच उनकी स्वीकार्यता और गठबंधन सहयोगियों के समर्थन ने उन्हें मुख्यमंत्री पद तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई। अब उनके सामने राज्य में नई सरकार के गठन और चुनावी वादों को पूरा करने की चुनौती होगी।
राहुल गांधी की भूमिका पर भी चर्चा
मुख्यमंत्री चयन प्रक्रिया में राहुल गांधी की भूमिका को लेकर भी लगातार चर्चा होती रही। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि पूरी प्रक्रिया में राहुल गांधी सीधे तौर पर शामिल थे और उन्होंने सभी पक्षों की राय सुनी। पार्टी ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत अंतिम फैसला लिया। कोट्टायम से विधायक राधाकृष्णन ने कहा कि जब कई बड़े नेता मुख्यमंत्री पद की दौड़ में हों तो भ्रम की स्थिति बनना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद यह फैसला लिया है। पार्टी अब जल्द ही नई सरकार के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी।