गुरुग्राम सुसाइड केस: 12 लाख का पैकेज और CA पति, फिर क्यों 5वीं मंजिल से कूदी जागृति
May 14, 2026 1:29 PM
गुरुग्राम। साइबर सिटी गुरुग्राम के पॉश इलाके सेक्टर-51 से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ स्थित आदित्य बिरला कंपनी की सीनियर अकाउंट एक्जिक्यूटिव जागृति बारी ने ऑफिस की पांचवीं मंजिल से कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। 33 साल की जागृति मूल रूप से देहरादून की रहने वाली थी और कंपनी में एक जिम्मेदार पद पर काम कर रही थी। घटना की सूचना मिलते ही सेक्टर-65 थाना पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम मौके पर पहुंची। फिलहाल पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, लेकिन शुरुआती जांच और परिजनों के बयानों ने मामले को संदिग्ध बना दिया है।
लव मैरिज के बाद मेरठ से गुरुग्राम का थका देने वाला सफर
जागृति की जिंदगी के पन्ने पलटें तो पता चलता है कि उसने करीब 3 साल पहले (नवंबर 2023 में आधिकारिक विवाह) मेरठ के रहने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) अमित सिंघल से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद से ही जागृति की दिनचर्या बेहद संघर्षपूर्ण हो गई थी। वह रोजाना मेरठ से गुरुग्राम तक का लंबा सफर तय कर ड्यूटी पर पहुंचती थी। 12 लाख रुपये के भारी-भरकम पैकेज पर काम करने के बावजूद जागृति की निजी जिंदगी में शांति नहीं थी। उसके भाई हार्दिक बारी ने पुलिस के सामने जो खुलासे किए हैं, वे रूह कंपा देने वाले हैं।
"सैलरी छीन लेता था पति, खर्च को मोहताज थी बहन"
मृतका के भाई का आरोप है कि लव मैरिज के कुछ समय बाद ही ससुराल वालों का असली चेहरा सामने आ गया था। हार्दिक के मुताबिक, जागृति का पति अमित उसकी पूरी सैलरी जबरन अपने पास रख लेता था। घर में उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था और हालत यहाँ तक पहुंच गई थी कि उसे अपनी जरूरतों के लिए भी पैसे नहीं दिए जाते थे। भाई ने सीधा आरोप लगाया है कि इसी घरेलू कलह और लगातार मिल रही प्रताड़ना से टूटकर जागृति ने ऑफिस की बिल्डिंग से कूदकर मौत को गले लगा लिया।
पुलिस जांच और पोस्टमार्टम का इंतजार
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सेक्टर-65 थाना पुलिस का कहना है कि वे हर एंगल से मामले की तफ्तीश कर रहे हैं। परिजनों के आरोपों के आधार पर पति और ससुराल पक्ष से पूछताछ की तैयारी की जा रही है। एक सफल प्रोफेशनल महिला का इस तरह दफ्तर में सुसाइड करना कॉर्पोरेट जगत के तनाव और घरेलू हिंसा के छिपे हुए पहलुओं पर भी सवालिया निशान खड़े कर रहा है। पुलिस अब जागृति के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और ऑफिस के साथियों के बयान दर्ज कर रही है ताकि मौत की असली वजह का पता लगाया जा सके।