हिसार में फूटा छात्रों का गुस्सा: नीट धांधली पर NTA को भंग करने की उठी मांग
May 14, 2026 12:33 PM
हिसार। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट' में पेपर लीक के जिन्न ने एक बार फिर लाखों छात्रों के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। इसी आक्रोश की तपिश वीरवार को हिसार की सड़कों पर भी महसूस की गई। भारत की जनवादी नौजवान सभा (DYFI) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के नेतृत्व में सैकड़ों छात्र और युवा संगठनों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और परीक्षा प्रणाली में मची 'लूट' के खिलाफ प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए युवाओं ने साफ कर दिया कि अब वे सिस्टम की खामियों का बोझ और नहीं उठाएंगे।
NTA को भंग करने और पुरानी व्यवस्था की वापसी पर जोर
छात्र नेताओं का सीधा आरोप है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) अपनी साख खो चुकी है। ज्ञापन में दलील दी गई कि परीक्षा कराने वाली इन सेंट्रलाइज्ड एजेंसियों की वजह से ही पेपर लीक माफिया फल-फूल रहा है। छात्रों ने मांग की है कि NTA को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाए और परीक्षाओं के आयोजन का जिम्मा वापस उन सरकारी एजेंसियों को सौंपा जाए, जिनके पास पहले इसका अनुभव था। छात्रों का तर्क है कि इस धांधली ने 22 लाख परीक्षार्थियों को गहरे मानसिक तनाव में धकेल दिया है, जिसके लिए सीधे तौर पर एजेंसी की कार्यप्रणाली जिम्मेदार है।
HPSC की 'कार्यशैली' और 'चेयरमैन' निशाने पर
प्रदर्शनकारियों ने सिर्फ नेशनल स्तर ही नहीं, बल्कि हरियाणा की भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी मोर्चा खोल रखा है। छात्र नेताओं ने मांग की है कि हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) के चेयरमैन आलोक वर्मा को तुरंत उनके पद से हटाया जाए। युवाओं का आरोप है कि प्रदेश में भर्तियों की रफ्तार और पारदर्शिता दोनों ही सवालों के घेरे में हैं। उनकी प्रमुख मांगों में भर्ती परीक्षाओं से 35 प्रतिशत की अनिवार्य शर्त हटाना, चयन प्रक्रिया को पूरी तरह मेरिट आधारित करना और हाई कोर्ट के फैसलों को तत्काल लागू करना शामिल है।
युवाओं की चेतावनी: "यह तो सिर्फ शुरुआत है"
प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने सरकार को दोटूक चेतावनी दी कि यदि इन मांगों पर जल्द संज्ञान नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन केवल ज्ञापन तक सीमित नहीं रहेगा। DYFI और SFI के पदाधिकारियों का कहना है कि वे पूरे प्रदेश के युवाओं को एकजुट कर आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंकेंगे। नारेबाजी के बीच छात्रों ने रिक्त पड़े सरकारी पदों को भरने और यूजीसी (UGC) गाइडलाइंस के तहत भर्तियां पूरी करने की मांग को लेकर भी दबाव बनाया। फिलहाल प्रशासन ने ज्ञापन लेकर सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है, लेकिन छात्रों का रुख तल्ख बना हुआ है।