अंबाला कैंट में हड़कंप: आर्मी पब्लिक स्कूल और 4 केंद्रीय विद्यालयों को बम से उड़ाने की धमकी
Apr 23, 2026 12:42 PM
अंबाला। अंबाला छावनी का अति-सुरक्षित सैन्य क्षेत्र वीरवार सुबह उस वक्त थर्रा गया, जब एक साथ सात बड़े स्कूलों को बम से उड़ाने वाला ईमेल प्राप्त हुआ। धमकी भरे इस संदेश ने न केवल स्कूल प्रबंधन बल्कि अभिभावकों और सुरक्षा एजेंसियों के भी हाथ-पांव फुला दिए। ईमेल की जद में आर्मी पब्लिक स्कूल की जूनियर व सीनियर विंग के अलावा केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 1, 2, 3 और 4 सहित एक अन्य निजी स्कूल शामिल है। जैसे ही इसकी भनक लगी, पूरा कैंट इलाका छावनी में तब्दील हो गया और चप्पे-चप्पे पर पुलिस व सेना के जवान तैनात कर दिए गए।
ईमेल में 'खालिस्तान' का जिक्र, दहशत फैलाने की कोशिश
सूत्रों के मुताबिक, भेजे गए ईमेल में 'खालिस्तान जिंदाबाद' जैसे आपत्तिजनक नारों का इस्तेमाल किया गया है और स्कूलों को निशाना बनाने की बात कही गई है। हालांकि, पुलिस और सेना के बम निरोधक दस्ते ने तुरंत हरकत में आते हुए सभी संबंधित स्कूलों में सघन तलाशी अभियान (Combing Operation) चलाया। राहत की बात यह रही कि घंटों चली जांच के बावजूद कहीं से भी कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह सामान्य है और पैनिक से बचने के लिए स्कूलों में छुट्टी नहीं की गई है।
सुरक्षा घेरा सख्त, बाहरी व्यक्तियों की एंट्री पर रोक
चूंकि यह मामला सीधे तौर पर सैन्य क्षेत्र और सेना के स्कूलों से जुड़ा है, इसलिए एहतियात बरतते हुए मिलिट्री पुलिस ने भी कमान संभाल ली है। स्कूलों के आसपास किसी भी बाहरी व्यक्ति या वाहन को रुकने की अनुमति नहीं दी जा रही है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है और वे पुलिस के साथ लगातार संपर्क में हैं। पुलिस इसे किसी शरारती तत्व या गिरोह की दहशत फैलाने वाली हरकत मानकर चल रही है, लेकिन कोई जोखिम नहीं लिया जा रहा।
साइबर सेल के रडार पर 'फर्जी' मेल का खेल
यह पहली बार नहीं है जब अंबाला के स्कूलों को इस तरह डराने की कोशिश की गई हो। इसी साल 26 जनवरी से पहले भी करीब 15 स्कूलों को एक साथ ऐसे ही ईमेल आए थे, जो बाद में फर्जी (Hoax Call) निकले थे। अंबाला पुलिस की साइबर सेल अब उस सर्वर और लोकेशन को ट्रेस कर रही है, जहां से यह मेल ओरिजनेट हुआ है। जांच इस बिंदु पर भी टिकी है कि क्या इन दोनों वारदातों के पीछे एक ही गिरोह का हाथ है, जो बार-बार सुरक्षा एजेंसियों को चुनौती दे रहा है।