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अंबाला न्यूज़: घर से आ रही थी तेज बदबू, 20 दिन बाद खुला घर तो बेड और फर्श पर मिले दो युवतियों के शव

May 22, 2026 5:38 PM

अंबाला। समाज की संवेदनशीलता और अपनों से बढ़ती दूरियों की एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली तस्वीर अंबाला कैंट से सामने आई है। यहां के प्रीत नगर जैसे वीआईपी इलाके में दो सगी बहनें अपने ही घर में मौत की आगोश में सो गईं और दुनिया को इसकी कानों-कान भनक तक नहीं लगी। करीब दो से तीन हफ्ते बाद जब घर के बंद दरवाजों के भीतर से तेज सड़ांध बाहर आने लगी, तब जाकर पड़ोसियों को अनहोनी का अहसास हुआ। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने जब घर का दरवाजा खोला, तो अंदर का मंजर देखकर अनुभवी पुलिसकर्मियों के भी रोंगटे खड़े हो गए।

बेड और फर्श पर बिखरी पड़ी थी जिंदगी, समाज से कटी थीं दोनों

महेश नगर थाना पुलिस के मुताबिक, मृतकाओं की उम्र करीब 40 से 45 वर्ष के बीच थी। घर के भीतर एक बहन की लाश बेड पर पड़ी थी तो दूसरी का शव फर्श पर दम तोड़ चुका था। दोनों शव इस कदर गल चुके थे कि उनकी शिनाख्त करना भी मुश्किल हो रहा था। स्थानीय निवासियों ने बताया कि माता-पिता के गुजर जाने के बाद से दोनों बहनें इस सूने मकान में अकेली ही रह रही थीं। वे दुनियादारी से इतनी दूर हो चुकी थीं कि उनके घर में क्या चल रहा है, इसकी पड़ोसियों को भी खबर नहीं रहती थी।

एक मानसिक रूप से थी लाचार, दूसरी बनी थी उसका सहारा

पड़ोसियों से मिली जानकारी के अनुसार, दोनों बहनों में से एक मानसिक और शारीरिक रूप से बेहद कमजोर थी, जो खुद से चलने-फिरने में भी असमर्थ थी। दूसरी बहन बाहर छोटा-मोटा काम करके घर चलाती थी और अपनी लाचार बहन की तीमारदारी भी करती थी। घर के भीतर का दृश्य बयां कर रहा था कि वे कितने अभावों में जी रही थीं। कमरे में चारों तरफ इस्तेमाल किए गए डायपर और बिखरा हुआ सामान इस बात की गवाही दे रहा था कि मौत से पहले उन्होंने कितना संघर्ष किया होगा। आशंका जताई जा रही है कि पहले कमाने वाली बहन की मौत हुई होगी और उसके बाद लाचार बहन ने भूख-प्यास से तड़पकर दम तोड़ दिया।

कार साफ करने वाले ने खोला राज, वारिसों की तलाश में पुलिस

इस खौफनाक दास्तां से पर्दा तब उठा, जब गली में गाड़ियां साफ करने वाले एक शख्स को उस घर के पास से गुजरते हुए भारी दुर्गंध आई। उसने तुरंत इसकी जानकारी मोहल्ले के लोगों को दी, जिसके बाद डायल-112 के जरिए पुलिस को मौके पर बुलाया गया।

महेश नगर थाना प्रभारी जितेंद्र ढिल्लों ने बताया कि शुरुआती तफ्तीश से साफ है कि मौत कई दिन पहले हो चुकी है। घर में किसी बाहरी व्यक्ति के जबरन घुसने के निशान नहीं मिले हैं। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर अंबाला छावनी के नागरिक अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है। एसएचओ ने कहा कि अब तक इस अभागे परिवार का कोई भी रिश्तेदार या वारिस सामने नहीं आया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि इन दो जिंदगियों के खामोश होने की असली वजह बीमारी थी, भूख या कुछ और।


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