यमुनानगर में खाकी शर्मसार: ढाबे पर आए फैक्ट्री संचालक को SHO ने सरेआम जड़े थप्पड़, CCTV में कैद हुई दबंगई
May 22, 2026 4:29 PM
यमुनानगर। यमुनानगर में पुलिस की कार्यप्रणाली और आम नागरिकों के साथ उनके व्यवहार को कटघरे में खड़ा करने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। अपनी कानून व्यवस्था के दावों के लिए पहचानी जाने वाली खाकी का एक ऐसा चेहरा सीसीटीवी में कैद हुआ है, जिसे देखकर कोई भी हैरान रह जाए। मामला शहर के बीचोबीच रेलवे रोड स्टेशन चौक का है, जहाँ एक फैक्ट्री संचालक को कानून का पाठ पढ़ाने के बजाय सिटी थाना प्रभारी खुद कानून की धज्जियां उड़ाते दिखे। वायरल वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि कैसे पुलिसिया रौब में चूर इंस्पेक्टर एक नागरिक पर ताबड़तोड़ थप्पड़ बरसा रहे हैं और आसपास खड़े लोग मूकदर्शक बने हुए हैं।
जन्मदिन का जश्न बदला दुःस्वप्न में; चालान मंजूर था, पर यह बदसलूकी नहीं
पीड़ित संजीव कुमार, जो जगाधरी की गंगानगर कॉलोनी के रहने वाले हैं और चनेटी रोड पर 'जय श्री श्याम एंटरप्राइजेज' नाम से पीलिंग फैक्ट्री चलाते हैं, उन्होंने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि गुरुवार की रात वे अपने एक दोस्त की बर्थडे पार्टी में शामिल होने रेलवे रोड के एक ढाबे पर आए थे। उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल सड़क के किनारे खड़ी की थी। इसी बीच सिटी थाने की गश्ती टीम वहां पहुंची और लावारिस हालत में खड़ी बाइक के मालिक के बारे में पूछने लगी। संजीव जैसे ही बाहर आए और उन्होंने कहा कि बाइक उनकी है, वैसे ही SHO नरेंद्र सिंह का पारा चढ़ गया। संजीव का आरोप है कि उनके पास गाड़ी के सारे कागज़ात मौजूद थे और वे नो-पार्किंग का चालान भुगतने को भी तैयार थे, लेकिन SHO ने उनकी एक न सुनी और गाली-गलौज करते हुए सीधे हाथ छोड़ दिया।
सीसीटीवी फुटेज ने खोली पोल; पहले पीछे धकेला, फिर जड़े थप्पड़
इस पूरी घटना का जो सीसीटीवी वीडियो सामने आया है, वह पीड़ित के आरोपों की तस्दीक करता नजर आ रहा है। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि पुलिस की गाड़ी और कुछ मुलाज़िम एक बाइक को घेरे खड़े हैं। तभी फैक्ट्री संचालक संजीव वहां पहुंचकर उनसे बात करता है। बातचीत के दौरान ही SHO नरेंद्र सिंह अचानक तैश में आ जाते हैं और संजीव को सीने पर हाथ मारकर पीछे की तरफ धकेलते हैं। इतने से भी जब इंस्पेक्टर साहब का मन नहीं भरा, तो वे दोबारा संजीव के करीब जाते हैं और पहले उल्टे हाथ से और फिर सीधे हाथ से उसके चेहरे और सिर पर थप्पड़ जड़ देते हैं। वीडियो में आवाज भले ही गायब हो, लेकिन वहां मौजूद चश्मदीदों के मुताबिक इस दौरान कारोबारी के साथ जमकर भद्दी गालियां भी दी गईं।
"कारोबारी नशे में था और पुलिस से उलझ रहा था" - थाना प्रभारी की सफाई
दूसरी ओर, इस पूरे विवाद पर जब सिटी थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह से बात की गई, तो उन्होंने सिक्के का दूसरा पहलू सामने रखा। SHO का कहना है कि वे रात के समय रूटीन गश्त पर थे और रेलवे रोड पर उन्हें एक ऐसी बाइक खड़ी मिली जिसकी नंबर प्लेट के साथ छेड़छाड़ की गई थी या वह साफ नहीं थी। जब उन्होंने पूछताछ की तो संजीव ढाबे से बाहर आया। पुलिस का दावा है कि संजीव अत्यधिक शराब के नशे में था और उसने आते ही पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। SHO ने अपनी सफाई में कहा कि उसे शांत रहने की हिदायत दी गई थी, लेकिन जब वह नहीं माना तो मामूली कहासुनी और धक्का-मुक्की हुई। मौके पर वैध दस्तावेज न दिखाए जाने के कारण बाइक को कानूनन इंपाउंड (ज़ब्त) कर लिया गया है। बहरहाल, पुलिस चाहे जो दलील दे, लेकिन इस वीडियो ने शहर के व्यापारियों और आम जनता के बीच पुलिस की छवि पर एक बड़ा सवालिया निशान जरूर लगा दिया है।