पंजाब पुलिस ने 100 किसान किए गिरफ्तार: बरनाला-बठिंडा नेशनल हाईवे पर रहा माहौल तनावपूर्ण
Feb 07, 2026 5:28 AM
बरनाला: भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां द्वारा बठिंडा जेल में बंद दो किसान नेताओं की रिहाई के लिए डीसी कार्यालय बठिंडा के समक्ष पक्का धरना देने के ऐलान के बाद बीते कल यानी शुक्रवार को बरनाला और बठिंडा जिलों में सुबह से ही तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। जानकारी के अनुसार पुलिस ने सुबह लगभग तीन बजे ही कई किसान नेताओं के घरों पर छापेमारी की। कुछ नेताओं को घरों में ही नजरबंद कर दिया गया, जबकि कई को गिरफ्तार कर अज्ञात स्थानों पर ले जाया गया। संगठन ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला करार दिया है। इसके बावजूद, संगठन के जिला अध्यक्ष चमकौर सिंह नैणेवाल के नेतृत्व में रूप सिंह छन्ना, भगत सिंह छन्ना, बलौर सिंह छन्ना, जरनैल बदरा, कृष्ण सिंह छन्ना, जगदेव सिंह औजला, कमलजीत कौर बरनाला, बिंदर पाल कौर भदौड़, संदीप कौर, सुखदीप कौर धनौला आदि सहित बड़ी संख्या में किसान बरनाला से बठिंडा की ओर रवाना हुए।
किसानों के काफिले को रोकने के लिए तपा मंडी स्थित बरनाला-बठिंडा मुख्य मार्ग पर बने 'हाईटेक नाके' को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। जिला पुलिस प्रमुख मोहम्मद सरफराज आलम के नेतृत्व में भारी पुलिस बल, बैरिकेडिंग और अन्य साजो-सामान तैनात किया गया। जब किसानों का काफिला पहुँचा और किसान नेताओं को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं मिली, तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस बाजी हुई जो जल्द ही झड़प में बदल गई। इस दौरान कुछ किसान नेताओं ने पुलिस का नाका तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की। नाकाबंदी हटाने के दौरान दोनों ओर से धक्का-मुक्की हुई और स्थिति अनियंत्रित होती दिखाई दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कई किसानों को मौके पर ही काबू कर लिया।
हालांकि, कई अन्य नेता और किसान नाका पार कर आगे बढ़ने में सफल रहे। प्राप्त जानकारी के मुताबिक 100 से अधिक किसानों को गिरफ्तार किए जाने का अनुमान है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। मौके पर एसपी अशोक शर्मा, डीएसपी गुरप्रीत सिंह सिद्धू तपा, डीएसपी बलजीत सिंह ढिल्लों, डीएसपी कुलवंत सिंह, डीएसपी महल कलां जसपाल सिंह, इंस्पेक्टर बलजीत सिंह (सीआईए), थाना प्रभारी शरीफ खान, इंस्पेक्टर जगजीत घमान, सब-इंस्पेक्टर रेनू परोचा और थाना प्रभारी बलविंदर सिंह (रूड़ेके कलां) सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा। किसान नेताओं का कहना है कि उनकी मांग जेल में बंद नेताओं की रिहाई और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा से संबंधित है और वे शांतिपूर्ण ढंग से धरना देना चाहते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन द्वारा बेवजह दबाव बनाया जा रहा है। दूसरी ओर पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी अप्रिय घटना से बचाव के लिए ये कदम उठाए गए हैं। इस घटना के बाद इलाके में तनाव बना रहा और मुख्य मार्ग पर यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ।
किसानों ने फिर से हाईवे पर लगा दिया पक्का धरना
खबर लिखे जाने तक यह भी पता चला है कि किसानों ने फिर से तपा मंडी स्थित बरनाला-बठिंडा हाईवे पर पक्का धरना लगा दिया है और मांग कर रहे हैं कि गिरफ्तार किए गए किसानों को रिहा किया जाए। उनका कहना है कि जब तक रिहाई नहीं होती, धरना जारी रहेगा। वहीं पुलिस का कहना है कि उन्होंने किसानों के साथ किसी भी तरह की झड़प नहीं की है और धरना जारी था।