'मंच पर जाते ही लगा धरम जी ने हाथ पकड़ लिया'— राष्ट्रपति भवन में पद्म पुरस्कार पाकर भावुक हुईं हेमा मालिनी
May 26, 2026 4:50 PM
भारतीय सिनेमा के इतिहास में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले 'ही-मैन' यानी धर्मेंद्र को देश ने उनके जाने के बाद सर्वोच्च सम्मानों में से एक से नवाजा है। सोमवार को राष्ट्रपति भवन के ऐतिहासिक दरबार हॉल में जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मरणोपरांत धर्मेंद्र के नाम की घोषणा की, तो पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट और पुरानी यादों के सैलाब में डूब गया। पिछले साल नवंबर (2025) में 89 वर्ष की आयु में दुनिया को अलविदा कह चुके धर्मेंद्र की तरफ से उनकी पत्नी हेमा मालिनी इस सम्मान को लेने मंच पर आईं। यह क्षण सिर्फ एक पुरस्कार वितरण मात्र नहीं था, बल्कि इसमें दशकों पुराने एक सुनहरे दौर का एकांत और अपूर्णीय क्षति का दर्द साफ झलक रहा था।
यादों का कारवां और जीवनसंगिनी का एकांत
समारोह के समापन के बाद हेमा मालिनी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से इस गौरवमयी और भावुक क्षण की तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने एक बेहद मर्मस्पर्शी नोट लिखते हुए अपने भीतर चल रहे भावनाओं के ज्वार को शब्दों में पिरोया।
हेमा मालिनी का भावुक संदेश: "यह एक ऐसा पल था जब गर्व और गहरा दुख एक साथ उमड़ पड़े। मुझे सच में अपने पति धरम जी की गर्मजोशी भरी मौजूदगी का अहसास हुआ। मंच की ओर बढ़ते हुए मुझे लगा जैसे वह हमेशा की तरह मेरा हाथ थामकर मुझे आगे बढ़ा रहे हों। एक सह-कलाकार के रूप में उनके साथ दर्जनों सफल फिल्में करने से लेकर उनकी जीवनसंगिनी बनने तक का सफर मेरी आंखों के सामने तैर गया।"
हेमा ने आगे लिखा कि धर्मेंद्र सिर्फ एक महान अभिनेता ही नहीं, बल्कि एक बेहद संवेदनशील पिता, दादा और मददगार दोस्त थे। उनका नेकदिल स्वभाव ऐसा था कि उनसे मिलने वाला हर शख्स उनका मुरीद हो जाता था। इस सम्मान को उन्होंने धर्मेंद्र के करोड़ों प्रशंसकों और अपने पूरे परिवार की तरफ से विनम्रतापूर्वक स्वीकार किया है।
'सफेद शर्ट और नीले सूट में कितने हैंडसम लगते...'— बेटियों का छलका दर्द
इस भावुक कर देने वाले समारोह के दौरान दर्शक दीर्घा में मौजूद अहाना देओल अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सकीं और मां को पुरस्कार लेते देख रो पड़ीं। वहीं, इस मौके पर वहां मौजूद न रह सकीं बड़ी बेटी ईशा देओल ने भी एक लंबी और भावुक पोस्ट लिखी। ईशा ने लिखा, "आज गर्व का वो मुकाम आया है जिसे बयान करने के लिए शब्द छोटे हैं। हम सब कितनी शिद्दत से चाहते थे कि पापा आज यहां हमारे बीच होते। वे अपनी पसंदीदा सफेद शर्ट और नीले सूट में सलीके से तैयार होकर एक छोटे बच्चे की उत्सुकता और मासूमियत के साथ मंच पर जाते।"
ईशा ने आगे लिखा कि जब उनकी मां मंच पर थीं, तब हम सभी छह भाई-बहनों (सनी, बॉबी, विजेता, अजेता, ईशा, अहाना) की तरफ से वहां मौजूद सबसे छोटी बहन अहाना की आंखों में आंसू और हाथों में सिर्फ पिता के लिए सम्मान की तालियां थीं।
उल्लेखनीय है कि धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की जोड़ी न सिर्फ पर्दे पर बल्कि असल जिंदगी में भी भारतीय सिनेमा की सबसे चर्चित जोड़ियों में से एक रही है। दोनों ने साथ में करीब 30 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय का लोहा मनवाया। हालांकि, धर्मेंद्र के इस दुनिया से जाने के बाद से देओल परिवार में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है, जिसे भरने की कोशिशें अब इन यादों और राष्ट्रीय सम्मानों के जरिए की जा रही हैं।