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Chandigarh News: चंडीगढ़ में कैब चालकों का आंदोलन तेज, कैब चालकों को थाने ले गई पुलिस, सचिवालय जाने से रोका

Jun 10, 2026 3:24 PM

चंडीगढ़: चंडीगढ़ में कैब किराए में बढ़ोतरी की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन बुधवार को नए मोड़ पर पहुंच गया। ट्राइसिटी कैब ड्राइवर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधि जब सचिवालय में गवर्नर से मिलने के लिए रवाना हुए, तो चंडीगढ़ पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोककर सेक्टर-3 थाना पहुंचा दिया। यूनियन का कहना है कि वे अपनी मांगों को सीधे प्रशासन तक पहुंचाना चाहते थे, लेकिन उन्हें औपचारिक अनुमति नहीं मिली थी। इसके बावजूद चालक संगठन ने साफ कर दिया है कि आंदोलन फिलहाल जारी रहेगा।

यूनियन के प्रधान अमनदीप सिंह के अनुसार पुलिस अधिकारियों ने उन्हें बताया कि गवर्नर से मिलने के लिए पूर्व अनुमति आवश्यक है। इसी वजह से उन्हें सचिवालय जाने से रोका गया। अमनदीप सिंह ने कहा कि पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि गवर्नर के आने पर यूनियन के दो प्रतिनिधियों की मुलाकात कराने की कोशिश की जाएगी। इसके बाद यूनियन नेताओं ने फिलहाल शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को उठाने का निर्णय लिया है।

सेक्टर-25 में जारी रहेगा धरना

कैब चालकों ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांगें पूरी होने तक सेक्टर-25 में धरना जारी रहेगा। आंदोलन रोजाना सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक संचालित किया जा रहा है। यूनियन का कहना है कि पिछले कई महीनों से किराया संशोधन की मांग प्रशासन के सामने रखी जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी कारण चालक संगठनों ने आंदोलन का रास्ता चुना है।

आंदोलन का असर शहर की दैनिक यातायात व्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है। पहले यात्रियों के पास कैब और ऑटो दोनों विकल्प उपलब्ध थे, लेकिन अब ऑटो चालक भी आंदोलन में शामिल हो गए हैं। ऐसे में चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (CTU) की बसें ही लोगों के लिए मुख्य साधन बन गई हैं। शहर के विभिन्न सेक्टरों को जोड़ने वाले 65 से 70 लोकल और सब-अर्बन रूटों पर नियमित बस सेवाएं संचालित की जा रही हैं। सेक्टर-17 और सेक्टर-43 बस स्टैंड से PGI, सेक्टर-32 अस्पताल, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और सचिवालय जैसे प्रमुख संस्थानों तक भी बस सेवाएं उपलब्ध हैं।

किराया बढ़ाने की मांग क्यों कर रहे चालक

कैब चालकों का कहना है कि वर्ष 2025 में चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा लागू की गई पॉलिसी के तहत किराया ₹25 प्रति किलोमीटर निर्धारित किया गया था। तब से ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। चालकों के अनुसार CNG की कीमत करीब ₹9 प्रति किलो बढ़ चुकी है, जबकि डीजल और पेट्रोल के दाम भी लगभग ₹7 प्रति लीटर तक बढ़े हैं। बढ़ती परिचालन लागत को देखते हुए वे किराया ₹25 से बढ़ाकर ₹35 प्रति किलोमीटर करने की मांग कर रहे हैं।

16 जून के प्रदर्शन को मिला बुड्ढा दल का समर्थन

आंदोलन को अब सामाजिक और धार्मिक संगठनों का भी समर्थन मिलने लगा है। ट्राइसिटी कैब ड्राइवर वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा 16 जून को प्रस्तावित बड़े प्रदर्शन को बुड्ढा दल के निहंग साहिबानों ने समर्थन देने की घोषणा की है। निहंग प्रतिनिधियों का कहना है कि कैब चालकों की समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं और उनके परिवार आर्थिक दबाव झेल रहे हैं। उनका मानना है कि यदि मांगें उचित हैं तो प्रशासन को समाधान की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। इसी वजह से उनका दल भी 16 जून के प्रदर्शन में भाग लेगा।

चंडीगढ़ में कैब और ऑटो चालकों का आंदोलन अब प्रशासन और चालक संगठनों के बीच बातचीत पर निर्भर करता है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो 16 जून का प्रस्तावित प्रदर्शन और बड़ा रूप ले सकता है। फिलहाल शहर के यात्रियों को सार्वजनिक बस सेवाओं पर अधिक निर्भर रहना पड़ रहा है, जबकि चालक संगठन अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने के संकेत दे रहे हैं।

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