Chandigarh News: चंडीगढ़ प्रशासन की पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए नई पहल, आज सरकारी कर्मियों का नो व्हीकल डे
May 20, 2026 10:02 AM
चंडीगढ़: चंडीगढ़ में आज यानी बुधवार से सरकारी कर्मचारियों के लिए ‘नो व्हीकल डे’ की शुरुआत की गई है। पंजाब के प्रशासक और चंडीगढ़ के गवर्नर गुलाब चंद कटारिया के निर्देश पर अब हर बुधवार सरकारी अधिकारी और कर्मचारी निजी वाहनों का इस्तेमाल नहीं करेंगे। प्रशासन ने कर्मचारियों से अपील की है कि वे दफ्तर पहुंचने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट, साइकिल या पैदल चलने को प्राथमिकता दें। इस पहल का उद्देश्य पेट्रोल-डीजल की बचत के साथ-साथ शहर में बढ़ते प्रदूषण और ट्रैफिक दबाव को कम करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण संबंधी अपील के बाद यह फैसला लागू किया गया है।
सचिवालय कर्मचारियों के लिए स्पेशल बस सेवा
चंडीगढ़ प्रशासन ने यूटी सचिवालय और पंजाब सिविल सचिवालय के कर्मचारियों की सुविधा के लिए विशेष बस रूट शुरू किए हैं। प्रशासन की ओर से जारी रूट प्लान के मुताबिक शहर के अलग-अलग सेक्टरों, मोहाली, रामदरबार, धनास, ट्रिब्यून चौक और हाउसिंग बोर्ड जैसे क्षेत्रों से विशेष बसें चलाई जा रही हैं। अधिकांश बस सेवाएं सुबह 8:30 बजे से शुरू होंगी ताकि कर्मचारी समय पर कार्यालय पहुंच सकें।
इन बसों के जरिए कर्मचारियों को निजी वाहनों की जरूरत कम पड़ेगी। प्रशासन का कहना है कि अगर यह प्रयोग सफल रहता है तो आने वाले समय में शहर के अन्य विभागों और संस्थानों में भी इसी तरह की व्यवस्था लागू की जा सकती है। इससे शहर में ईंधन की खपत कम होगी और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।
मोहाली और सेक्टरों से सीधे सचिवालय तक सुविधा
स्पेशल रूट नंबर 521 के तहत फेज-11 मोहाली से यूटी सचिवालय तक बस सेवा शुरू की गई है। यह बस फेज-10, फेज-9, फेज-8, सोहाना लाइट प्वाइंट, फेज-7, वाईपीएस चौक और आईएसबीटी-43 होते हुए सचिवालय पहुंचेगी। वापसी में शाम 5:40 बजे यही बस कर्मचारियों को वापस मोहाली छोड़ेगी।
इसी तरह सेक्टर-48/49 से यूटी सचिवालय के लिए रूट नंबर 522 चलाया गया है। यह बस सेक्टर-43 मार्केट, सेक्टर-50B, सेक्टर-45 मार्केट और सेक्टर-34/33 से होकर गुजरेगी। प्रशासन ने अलग-अलग सेक्टरों से आने वाले कर्मचारियों को ध्यान में रखते हुए रूट तय किए हैं ताकि अधिकतम लोगों को सुविधा मिल सके।
रामदरबार, धनास और हाउसिंग बोर्ड से कनेक्टिविटी
रूट नंबर 562 के तहत रामदरबार से यूटी सचिवालय तक विशेष बस सेवा शुरू की गई है। यह बस सेक्टर-47, 46 और 45 मार्केट से होकर गुजरेगी। वहीं रूट नंबर 563 हाउसिंग बोर्ड चौक, रेलवे स्टेशन, ट्रांसपोर्ट चौक और सेक्टर-26 मंडी से कर्मचारियों को सचिवालय तक पहुंचाएगा।
धनास कॉलोनी और डड्डू माजरा क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए रूट नंबर 567 शुरू किया गया है। यह बस सीटीयू वर्कशॉप-3, सेक्टर-24 मार्केट और सेक्टर-23 होते हुए मटका चौक तक पहुंचेगी। प्रशासन का मानना है कि इससे दूरदराज के इलाकों से आने वाले कर्मचारियों को राहत मिलेगी और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल बढ़ेगा।
पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत पर जोर
चंडीगढ़ प्रशासन का कहना है कि ‘नो व्हीकल डे’ केवल एक प्रतीकात्मक पहल नहीं बल्कि शहर में टिकाऊ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम है। अधिकारियों के अनुसार शहर में रोजाना हजारों निजी वाहन सड़कों पर उतरते हैं, जिससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण की समस्या बढ़ती है। यदि सरकारी कर्मचारी सप्ताह में एक दिन भी निजी वाहन छोड़ते हैं तो इसका सकारात्मक असर दिखाई देगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल ईंधन की बचत होगी बल्कि लोगों में सार्वजनिक परिवहन को लेकर जागरूकता भी बढ़ेगी। प्रशासन आने वाले समय में साइकिल ट्रैक और इलेक्ट्रिक बसों के उपयोग को भी बढ़ावा देने की योजना बना रहा है ताकि चंडीगढ़ को पर्यावरण अनुकूल शहर बनाया जा सके।
शहर में ट्रैफिक दबाव कम करने की कोशिश
चंडीगढ़ में पिछले कुछ वर्षों में वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है। सुबह और शाम के समय सचिवालय, सेक्टर-17, मटका चौक और ट्रिब्यून चौक जैसे इलाकों में ट्रैफिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन को उम्मीद है कि ‘नो व्हीकल डे’ अभियान से सड़क पर निजी वाहनों की संख्या कम होगी और ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर बनेगी। अधिकारियों ने कर्मचारियों से अपील की है कि वे इस अभियान को केवल सरकारी आदेश नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में लें। प्रशासन ने कहा है कि यदि नागरिकों का सहयोग मिला तो आने वाले महीनों में इस अभियान का दायरा और बढ़ाया जा सकता है।