चंडीगढ़: चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस द्वारा “सेफ सिस्टम अप्रोच” विषय पर एक रोड सेफ्टी डायलॉग-कम-वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य शहर में सड़क सुरक्षा को एक समग्र, वैज्ञानिक और साक्ष्य-आधारित दृष्टिकोण से सुदृढ़ करना रहा, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और आम नागरिकों, विशेषकर पैदल यात्रियों व साइकिल चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में चंडीगढ़ के आईजीपी पुष्पेंद्र कुमार, आईपीएस, बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे, जबकि समापन सत्र में डीजीपी चंडीगढ़ डॉ. सागर प्रीत हुड्डा, आईपीएस, मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यशाला के दौरान सेफ सिस्टम अप्रोच के तहत शहर के पांच प्रमुख ट्रैफिक-संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले मार्गों की पहचान की गई। इनमें एनएच-5 पर ज़ीरकपुर बैरियर से हल्लो माजरा लाइट प्वाइंट तक का मार्ग, हल्लोमाजरा से ट्रिब्यून चौक तक का हिस्सा, हाउसिंग बोर्ड लाइट प्वाइंट से ट्रांसपोर्ट लाइट प्वाइंट, मुल्लांपुर बैरियर से सेक्टर-25/38 लाइट प्वाइंट तथा पीजीआई चौक से मुल्लांपुर बैरियर तक का मार्ग शामिल है।
इन मार्गों पर सुधारात्मक कदमों के लिए पांच विशेष टीमें गठित की गईं, जिनमें ट्रैफिक विशेषज्ञों के अलावा संबंधित विभागों के प्रतिनिधि, डीएसपी और ट्रैफिक इंस्पेक्टर शामिल रहे। टीमों ने फील्ड सर्वे के माध्यम से सड़क डिजाइन, ट्रैफिक फ्लो, पैदल यात्रियों की सुरक्षा और प्रवर्तन से जुड़ी चुनौतियों का गहन अध्ययन किया। सर्वेक्षण से प्राप्त सुझावों और निष्कर्षों को एक विस्तृत रिपोर्ट के रूप में संबंधित विभागों को भेजा जाएगा। कार्यशाला में फ्लाईओवर और अंडरपास निर्माण, नई कनेक्टिविटी सड़कों के प्रस्ताव, समर्पित साइकिल ट्रैक, तथा संवेदनशील क्षेत्रों में पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित अंडरब्रिज जैसे महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए।