चंडीगढ़: यूटी पुलिस के साइबर क्राइम थाने ने फर्जी ट्रैफिक चालान एसएमएस भेजकर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई 20 जनवरी 2026 को दर्ज एफआईआर के तहत की गई है। पुलिस को यह शिकायत ट्रैफिक विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी से मिली थी, जिन्हें 13 जनवरी को एक संदिग्ध एसएमएस प्राप्त हुआ। इस संदेश में कैमरे से ट्रैफिक उल्लंघन पकड़े जाने का दावा करते हुए एक लिंक के जरिए तुरंत भुगतान करने को कहा गया था। जांच में सामने आया कि यह संदेश चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस की आधिकारिक प्रणाली से नहीं भेजा गया था। इसी तरह के कई फर्जी संदेश शहर के अन्य नागरिकों को भी मिले, जिससे संगठित साइबर ठगी का अंदेशा हुआ।


तकनीकी जांच और केवाईसी सत्यापन के बाद संदिग्ध मोबाइल नंबरों की लोकेशन उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में पाई गई। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस की विशेष टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से वहां दबिश दी और 26 जनवरी को दो युवकों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान शैलेन्द्र कुमार (19 वर्षीय) और महेंद्र सिंह (19 वर्षीय) के रूप में हुई है। आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच में फर्जी चालान संदेश और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए हैं। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह अलग-अलग मोबाइल नंबरों से लोगों को भ्रमित कर ठगी कर रहा था। मामले की आगे की जांच जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

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