- by Vinita Kohli
- Nov, 01, 2025 04:35
चंडीगढ़: उम्मीद जताई जा रही थी कि भारत के उपराष्ट्रपति और पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) के चांसलर सीपी राधाकृष्णन 73वें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता करेंगे, लेकिन पीयू प्रशासन ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि छात्रों को डिग्रियां पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया वितरित करेंगे। पीयू का दीक्षांत समारोह 13 दिसंबर (शनिवार) को आयोजित होगा। गौरतलब है कि यूनिवर्सिटी के इतिहास में पहली बार एक ही वर्ष में दो बार दीक्षांत समारोह हो रहा है। इससे पहले 12 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दीक्षांत समारोह की शोभा बढ़ाई थी।
पीयू की वाइस चांसलर प्रो. रेनू विग ने बताया कि दीक्षांत समारोह को दिसंबर में करने का उद्देश्य छात्रों को समय पर डिग्री उपलब्ध कराना है, ताकि वे उच्च शिक्षा और अन्य अवसरों के लिए बिना देरी आगे बढ़ सकें। इससे विभागों और विद्यार्थियों को शैक्षणिक प्रक्रियाएं समय से पूर्ण करने में मदद मिलेगी। इसी कड़ी में पीयू रजिस्ट्रार प्रो. वाईपी वर्मा ने मंगलवार को दीक्षांत समारोह की तैयारियों की समीक्षा बैठक की। बैठक में कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन प्रो. जगत भूषण, विभिन्न समितियों के अध्यक्षों और यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
पीएच.डी धारकों को डिग्रियाँ, 2024 टॉपर्स को मेडल; 12 दिसंबर को अनिवार्य रिहर्सल
पिछले दीक्षांत समारोह के बाद पीएच.डी पूरी करने वाले विद्यार्थियों को भी इस बार अन्य डिग्रीधारकों के साथ डिग्रियां प्रदान की जाएंगी, जैसा कि पीयू नियमों में प्रावधान है। वर्ष 2024 की सभी परीक्षाओं में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को भी समारोह में मेडल प्रदान किए जाएंगे। इसके लिए पात्र उम्मीदवारों को पहचान पत्र और आमंत्रण पत्र यूनिवर्सिटी द्वारा जारी किए जा चुके हैं। पदक, पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं और डिग्रीधारकों की रिहर्सल 12 दिसंबर को होगी और इसमें उपस्थिति अनिवार्य रखी गई है। यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट किया है कि रिहर्सल में शामिल न होने वालों को दीक्षांत समारोह में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उपराष्ट्रपति ने दीक्षांत समारोह दिसंबर में कराने की दी थी सलाह
दीक्षांत समारोह को लेकर पहले कयास लगाए जा रहे थे कि उपराष्ट्रपति इसमें हिस्सा लेंगे, लेकिन कुछ दिन पूर्व जब सीनेट चुनावों के मुद्दे पर यूनिवर्सिटी में लगातार गर्मागर्मी बनी हुई थी, तब सूत्रों के अनुसार उपराष्ट्रपति ने अपनी पहली निर्धारित यात्रा रद्द कर दी। हालांकि दौरे के स्थगन का कारण उपराष्ट्रपति का व्यस्त कार्यक्रम बताया गया।
गौरतलब है कि उपराष्ट्रपति को 1 नवंबर को आयोजित ग्लोबल एलुमनाई मीट के लिए आमंत्रित किया गया था, किंतु उन्होंने पीयू को सूचित किया कि वे उस अवसर पर शामिल नहीं हो पाएंगे और यूनिवर्सिटी से दिसंबर में दीक्षांत समारोह आयोजित करने को कहा था, साथ ही उस समय आने का आश्वासन भी दिया था। जब ग्लोबल एलुमनाई मीट में शामिल होने का अनुरोध उपराष्ट्रपति ने ठुकराया, तब पीयू वाइस चांसलर प्रो. रेनू विग ने कहा था कि सामान्यतः दीक्षांत समारोह मार्च में होता है, लेकिन उपराष्ट्रपति की इच्छा के अनुरूप इसे इस वर्ष पहले आयोजित किया जा रहा है। रेनू विग ने कहा कि उपराष्ट्रपति चाहते थे कि यह समारोह कैलेंडर वर्ष के भीतर ही आयोजित हो। इस वर्ष दिसंबर चुना है, जबकि अगले वर्ष से इसे अक्टूबर या नवंबर में आयोजित करने की योजना है।