चंडीगढ़: ट्रिब्यून चौक से ट्रांसपोर्ट लाइट्स की ओर साइकिल चलाने वालों को जल्द बड़ी राहत मिलने वाली है। पूर्व मार्ग पर ट्रिब्यून चौक से ट्रांसपोर्ट लाइट्स की ओर जाने वाला साइकिल ट्रैक 31 मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। पीक आवर्स के दौरान इस मार्ग पर साइकिल चलाना खतरे से खाली नहीं होता, ऐसे में यह साइकिल ट्रैक साइकिल सवारों के लिए सुरक्षित और सुगम आवागमन का बड़ा साधन बनेगा। यह जानकारी चंडीगढ़ के डिप्टी कमिश्नर निशांत कुमार यादव (आईएएस) की अध्यक्षता में आयोजित डिस्ट्रिक्ट रोड सेफ्टी कमेटी की बैठक में सामने आई। बैठक में शहर में लागू की जा रही सड़क सुरक्षा पहलों और ट्रैफिक प्रबंधन उपायों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुमेर प्रताप सिंह (आईपीएस) सहित सभी संबंधित विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
डीसी ने पूर्व मार्ग पर साइकिल ट्रैक को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि गैर-मोटराइज्ड परिवहन को बढ़ावा देना समय की जरूरत है। साइकिल ट्रैक के पूरा होने से साइकिल चालकों को अलग और सुरक्षित लेन मिलेगी, जिससे वाहन चालकों और साइकिल सवारों के बीच टकराव की आशंका कम होगी और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को प्रोत्साहन मिलेगा। बैठक में सेक्टर 29/30 की सड़क पर रोड मीडियन पर सुरक्षात्मक ग्रिल लगाने के कार्य पर भी विशेष जोर दिया गया। डीसी ने कहा कि अनधिकृत पैदल क्रॉसिंग के कारण यहां दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए कि निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुसार ग्रिल लगाने का कार्य शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि आम लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। बैठक के अंत में डीसी ने दोहराया कि चंडीगढ़ प्रशासन सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। सभी विभागों को निर्देश दिए गए कि वे चल रहे कार्यों की नियमित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि समय पर निगरानी और आवश्यक सुधार किए जा सकें। प्रशासन का लक्ष्य है कि चंडीगढ़ को सभी सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षित, सुव्यवस्थित और यात्री-अनुकूल शहर बनाया जा सके।
सड़कों-फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने के सख्त निर्देश
हाल के समय में हुई सड़क दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए बैठक में चिन्हित घातक दुर्घटना स्थलों पर सुधारात्मक उपायों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इन स्थलों पर तत्काल इंजीनियरिंग हस्तक्षेप, सड़क की ज्योमेट्री में सुधार, पर्याप्त साइन बोर्ड लगाने, रोड मार्किंग मजबूत करने और ट्रैफिक को शांत (ट्रैफिक-कैल्मिंग मेज़र्स) करने वाले उपाय लागू करने के निर्देश दिए गए। उद्देश्य है कि भविष्य में इन स्थानों पर दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। डीसी ने सड़कों और फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने पर भी सख्ती से अमल करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि नियमित निगरानी रखी जाए और किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को तुरंत हटाया जाए, ताकि ट्रैफिक का प्रवाह सुचारू बना रहे और पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
हल्लोमाजरा–जीरकपुर सर्विस लेन चौड़ीकरण भी जल्द होगा पूरा
इसके अलावा, हल्लोमाजरा से जीरकपुर लाइट प्वाइंट तक सर्विस लेन को चौड़ा करने के कार्य की भी समीक्षा की गई। इस परियोजना को भी 31 मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। डिप्टी कमिश्नर ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और किसी भी प्रकार की देरी से बचने के निर्देश दिए।