अबरार से करार करने पर बीसीसीआई उपाध्यक्ष शुक्ला ने कहा, हमारे लिए चिंता का विषय नहीं, यह आईपीएल नहीं
Mar 13, 2026 8:11 PM
नयी दिल्ली: भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने ‘द हंड्रेड’ नीलामी के दौरान सनराइजर्स लीड्स द्वारा पाकिस्तान के स्पिनर अबरार अहमद को खरीदने को ज्यादा अहमियत नहीं दी और शुक्रवार को कहा कि विदेशी लीग में लिया गया फैसला बोर्ड के अधिकार क्षेत्र से बाहर है।
चेन्नई के मीडिया ग्रुप सन ग्रुप के स्वामित्व वाली सनराइजर्स लीड्स ने बृहस्पतिवार को ‘द हंड्रेड’ खिलाडियों की नीलामी के दौरान पाकिस्तान के स्पिनर अबरार से करार किया जिससे वह टूर्नामेंट में किसी भारतीय मालिकाना हक वाली फ्रेंचाइजी द्वारा चुने जाने वाले पहले पाकिस्तानी क्रिकेटर बन गए।
शुक्ला ने पीटीआई से कहा कि यह हमारे लिए चिंता का विषय नहीं है। यह आईपीएल नहीं है। ‘द हंड्रेड’ या दूसरी विदेशी लीग में क्या होता है, हमें इससे कोई लेना-देना नहीं है।
ट्रेंट रॉकेट्स के साथ बोली लगाने की होड़ के बाद सनराइजर्स ने अहमद की सेवाएं लेने के लिए 190000 पाउंड (लगभग 2.34 करोड़ रुपये) दिए। यह टूर्नामेंट 21 जुलाई से 16 अगस्त तक चलेगा।
अबरार को खरीदने के बाद सनराइजर्स लीड्स को काफी आलोचना का सामना करना पड़ा और टीम का ‘एक्स’ अकाउंट कुछ समय के लिए निलंबित कर दिया गया। आईपीएल की फ्रेंचाइजी ने दोनों पड़ोसी देशों के बीच खराब राजनयिक रिश्तों के कारण 2009 से पाकिस्तानी खिलाड़ी से कोई अनुबंध नहीं किया है।
सन ग्रुप आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद का भी मालिक है। उसने पिछले साल पहले के नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स का टेकओवर किया था। सनराइजर्स की मुख्य कार्यकारी अधिकारी काव्या मारन नीलामी में शामिल हुईं। उनकी एसए20 में सनराइजर्स ईस्टर्न केप की टीम भी है लेकिन उनके पास इस टीम में कोई पाकिस्तानी खिलाड़ी नहीं है।
अबरार नीलामी के दौरान बिकने वाले दूसरे पाकिस्तानी खिलाड़ी थे। इससे पहले एक और स्पिनर उस्मान तारिक को बर्मिंघम फीनिक्स ने 140,000 पाउंड (लगभग 1.72 करोड़ रुपये) में खरीदा था। हालांकि फिनिक्स का आईपीएल से कोई नाता नहीं है।