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तीन महीनों की कमी के बाद कश्मीर में बारिश, दिल्ली-एनसीआर में भी दिख सकता है असर

Mar 10, 2026 3:38 PM

दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में लंबे समय से जारी सूखे के बाद मंगलवार को मौसम ने अचानक करवट ली। कश्मीर घाटी के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी हुई, जबकि श्रीनगर और आसपास के मैदानी क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई। इस बदलाव के बाद तापमान में गिरावट की संभावना जताई जा रही है।

मौसम में आए इस बदलाव का असर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों पर भी पड़ सकता है। दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में सुबह और शाम के तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है।

गुरेज और सोनमर्ग-ज़ोजिला मार्ग पर हुई बर्फबारी

अधिकारियों के अनुसार उत्तरी कश्मीर के गुरेज और मध्य कश्मीर के सोनमर्ग-ज़ोजिला मार्ग जैसे ऊंचे क्षेत्रों में रातभर हिमपात हुआ। वहीं श्रीनगर समेत घाटी के मैदानी हिस्सों में सुबह तक बारिश जारी रही।

इस बारिश और बर्फबारी से राज्य में लंबे समय से जारी सूखे की स्थिति खत्म होने की उम्मीद जताई जा रही है। कई इलाकों में जल स्रोतों और खेतों को इससे राहत मिल सकती है।

तीन महीनों में सामान्य से 65 प्रतिशत कम रही बारिश

इस सर्दी के मौसम में जम्मू-कश्मीर में वर्षा का आंकड़ा सामान्य से काफी कम रहा। दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच कुल 100.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि में करीब 284.9 मिमी वर्षा होती है।

दिसंबर महीने में केवल 13 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य औसत 59.4 मिमी होता है। जनवरी में 73.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य 95.1 मिमी से कम रही। फरवरी में स्थिति और खराब रही और सिर्फ 14.2 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि सामान्य आंकड़ा 130.4 मिमी रहता है।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने बुधवार तक कश्मीर घाटी में मौसम सामान्य रहने और बादल छाए रहने का अनुमान जताया है। ऊंचे इलाकों में कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश या हिमपात हो सकता है।

विभाग के अनुसार कुपवाड़ा, बांदीपोरा, गांदेरबल और अनंतनाग जिलों के ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना बनी हुई है।

खेतों और जल स्रोतों को मिली राहत

हालिया बारिश और बर्फबारी से सूखे की स्थिति से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। खेतों में नमी बढ़ने और जल स्रोतों में पानी आने से स्थानीय किसानों को फायदा हो सकता है।

हालांकि अधिकारियों का कहना है कि पिछले महीनों में बारिश की भारी कमी के कारण जलस्तर और फसलों की स्थिति पर अभी भी नजर रखनी जरूरी है। मौसम में आई ठंडक का असर आने वाले दिनों में उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी महसूस किया जा सकता है।

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