पलवल से नूंह के धुलावट तक बनेगी डबल रेल लाइन, HORC प्रोजेक्ट को मंजूरी
Mar 10, 2026 3:51 PM
हरियाणा। हरियाणा के एनसीआर क्षेत्र में शामिल पलवल और नूंह जिलों के लिए रेल कनेक्टिविटी को लेकर अहम फैसला हुआ है। हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (HORC) परियोजना के तहत पलवल जिले के पृथला से नूंह जिले के धुलावट के बीच नई डबल रेल लाइन बनाने को मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना की आधारशिला वर्ष 2022 में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रखी थी।
यह रेल लाइन शुरू होने के बाद पलवल और नूंह के बीच ट्रेन कनेक्टिविटी मजबूत होगी। साथ ही दिल्ली-एनसीआर में माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स के लिए एक नया तेज मार्ग तैयार होगा।
पलवल से सोनीपत तक बन रहा 126 किमी लंबा कॉरिडोर
हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर का निर्माण पलवल से सोनीपत तक किया जा रहा है। यह कॉरिडोर 126 किलोमीटर से अधिक लंबा है और इसके तहत कई जिलों को आपस में जोड़ा जा रहा है।
परियोजना के तहत 67 गांवों में करीब 665 हेक्टेयर भूमि पर सिविल कार्य चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार अब तक इस प्रोजेक्ट का लगभग 30 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
पृथला स्टेशन पर बनेगा बड़ा जंक्शन
पलवल जिले के पृथला स्टेशन को इस कॉरिडोर का अहम केंद्र बनाया जा रहा है। यहां डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और भारतीय रेलवे के ट्रैक को आपस में जोड़ा जाएगा।
इस जंक्शन के बनने से मालगाड़ियों की आवाजाही तेज होगी और औद्योगिक क्षेत्रों तक सामान पहुंचाना आसान हो जाएगा। इससे एनसीआर के औद्योगिक क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
अरावली के बीच बन रही 5 किलोमीटर लंबी टनल
इस परियोजना का एक बड़ा हिस्सा नूंह जिले में तैयार हो रहा है। यहां अरावली पहाड़ियों के बीच करीब पांच किलोमीटर लंबी डबल टनल बनाई जा रही है।
टनल बनने से पहाड़ी इलाके में भी रेल लाइन आसानी से गुजर सकेगी और ट्रेन संचालन में कोई बाधा नहीं आएगी। इंजीनियरिंग के लिहाज से इसे बड़े प्रोजेक्ट के तौर पर देखा जा रहा है।
आधुनिक स्टेशन और मजबूत ढांचा तैयार होगा
परियोजना के तहत केवल रेल लाइन ही नहीं बिछाई जा रही है बल्कि बड़े पैमाने पर सिविल ढांचा भी तैयार किया जा रहा है। इसमें आधुनिक रेलवे स्टेशन, जल निकासी के लिए पुल और जमीन को मजबूत रखने के लिए रिटेनिंग वॉल का निर्माण शामिल है।
अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना को अगले साल के आखिर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके शुरू होने के बाद हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में माल परिवहन की रफ्तार काफी बढ़ने की उम्मीद है।