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NCERT अपडेट: 10वीं और 11वीं के सिलेबस में बड़ा बदलाव, जानें कब से मिलेंगी नई किताबें

Mar 18, 2026 10:41 AM

दिल्ली। देश के लाखों स्कूली छात्रों के लिए बड़ी खबर है। नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने स्कूल शिक्षा के कायाकल्प की समयसीमा तय कर दी है। नई शिक्षा नीति 2020 के विजन को धरातल पर उतारते हुए अब 10वीं और 11वीं के सिलेबस में आमूल-चूल परिवर्तन होने जा रहा है। हालांकि, मौजूदा छात्रों को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह बदलाव सत्र 2027-28 से प्रभावी होगा। अगले साल यानी 2026-27 के सेशन में 10वीं और 11वीं के विद्यार्थियों को फिलहाल पुराने ढर्रे पर ही बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी करनी होगी।

चरणबद्ध तरीके से बदल रहा है पढ़ाई का अंदाज

एनसीईआरटी इस बदलाव को जल्दबाजी में थोपने के बजाय स्टेप-बाय-स्टेप लागू कर रही है। पहली से आठवीं कक्षा तक का नया पाठ्यक्रम पहले ही जमीन पर उतारा जा चुका है। इन किताबों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वे बच्चों के बस्ते का बोझ कम करें और उनके सीखने की क्षमता को बढ़ाएं। ये पुस्तकें अब केवल कागज तक सीमित नहीं हैं, बल्कि छात्र इन्हें डिजिटल माध्यमों से भी एक्सेस कर सकते हैं। संस्था का मानना है कि 2023 के राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचे (NCF) को लागू करने का मुख्य उद्देश्य छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।

कक्षा 9 से शुरू होगी नई व्यवस्था की नींव

बोर्ड कक्षाओं (10वीं-12वीं) तक पहुंचने से पहले छात्रों को नए पैटर्न में ढालने के लिए कक्षा 9 के सिलेबस में अगले साल यानी 2026-27 से ही बदलाव कर दिया जाएगा। शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, कक्षा 9 की नई किताबों का ड्राफ्ट लगभग तैयार है। एनसीईआरटी ने इसके कंटेंट को लेकर देशभर के अनुभवी शिक्षकों और शिक्षाविदों से सुझाव भी मांगे हैं ताकि फाइनल प्रिंटिंग से पहले खामियों को दूर किया जा सके। विशेषज्ञों की राय ली जा रही है कि कैसे विज्ञान और गणित जैसे विषयों को अधिक रोचक और प्रयोग-आधारित बनाया जाए।

स्कूलों और शिक्षकों को तैयारी के निर्देश

एनसीईआरटी ने सभी संबद्ध स्कूलों और शिक्षकों को पहले ही आगाह कर दिया है कि वे आने वाले बदलावों के लिए खुद को मानसिक रूप से तैयार रखें। शिक्षकों की ट्रेनिंग के लिए भी विशेष मॉड्यूल तैयार किए जा रहे हैं। नई किताबों में अब केवल थ्योरी नहीं, बल्कि स्किल डेवलपमेंट और स्थानीय ज्ञान को भी प्राथमिकता दी गई है। इस बदलाव का सीधा असर यह होगा कि अब छात्रों को केवल परीक्षा पास करने के लिए नहीं, बल्कि विषय की गहराई समझने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

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