नेशनल हाईवे पर चलना हुआ महंगा: 1 अप्रैल से बढ़ रही है FASTag एनुअल पास की कीमत, जानें नई दरें
Mar 16, 2026 4:15 PM
दिल्ली। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने यात्रा को सुगम बनाने के लिए 15 अगस्त 2025 को एनुअल पास की सुविधा शुरू की थी। इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को बार-बार फास्टैग रिचार्ज करने की परेशानी से बचाना और टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों को कम करना था। NHAI के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश भर में लगभग 55 लाख से अधिक वाहन चालक इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। हालांकि, अब इन उपभोक्ताओं को अपनी सालाना योजना के लिए 75 रुपये अतिरिक्त खर्च करने होंगे।
एनुअल पास के गणित को समझें
यह एनुअल पास उन लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जो अक्सर लंबी दूरी की यात्रा करते हैं या जिनका काम नेशनल हाईवे के इर्द-गिर्द रहता है। एक बार 3,075 रुपये का भुगतान करने के बाद, वाहन चालक को साल भर बैलेंस चेक करने की चिंता नहीं रहती। नियम के मुताबिक, यह पास या तो एक साल पूरा होने पर एक्सपायर होता है या फिर जब वाहन 200 बार टोल गेट पार कर लेता है (जो भी पहले हो)। एनुअल पास से न केवल समय की बचत होती है, बल्कि ईंधन की बर्बादी भी कम होती है क्योंकि टोल पर रुकने की आवश्यकता न्यूनतम हो जाती है।
महंगाई का असर और यात्रियों की चिंता
NHAI का तर्क है कि हाईवे के विस्तार और आधुनिक तकनीकों के रखरखाव के लिए राजस्व में बढ़ोतरी जरूरी है। लेकिन दूसरी तरफ, मध्यमवर्गीय परिवार और रोजमर्रा के यात्री इस बढ़ोतरी को बोझ की तरह देख रहे हैं। विशेष रूप से दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा जैसे राज्यों में, जहां एक शहर से दूसरे शहर जाने के लिए नेशनल हाईवे ही मुख्य जरिया है, वहां रहने वाले लोगों के मासिक बजट पर इसका असर पड़ना तय है।
समय रहते रिचार्ज करने की सलाह
प्राधिकरण ने वाहन चालकों को सुझाव दिया है कि जो लोग इस सुविधा का लाभ उठाना चाहते हैं, वे 31 मार्च 2026 से पहले पुराने दामों पर अपना पास रिन्यू या रिचार्ज करा लें। 1 अप्रैल की सुबह से सिस्टम स्वतः ही नई दरों को स्वीकार करना शुरू कर देगा। जानकारों का कहना है कि डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के बावजूद, समय-समय पर होने वाली यह बढ़ोतरी सड़क यात्रा को धीरे-धीरे महंगा बना रही है।