टोल प्लाजा पर कैश का दौर खत्म: 1 अप्रैल से केवल डिजिटल भुगतान ही दिलाएगा रास्ता
Mar 17, 2026 1:19 PM
दिल्ली। अगर आप अक्सर नेशनल हाइवे पर लंबी यात्राएं करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने बड़ा फैसला लेते हुए 1 अप्रैल 2026 से देश के सभी टोल प्लाजा को 100% कैशलेस बनाने का एलान किया है। नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही टोल बूथों पर मौजूद 'कैश लेन' का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आपके पास FASTag नहीं है या आपके UPI में बैलेंस नहीं है, तो आप टोल पार नहीं कर पाएंगे। सरकार का यह कदम डिजिटल इंडिया की दिशा में एक और बड़ा प्रहार माना जा रहा है, जिससे टोल वसूली की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो जाएगी।
एनएचएआई का मास्टर प्लान: लंबी कतारों और ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) पिछले काफी समय से टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी लाइनों को खत्म करने की जद्दोजहद में था। अधिकारियों का मानना है कि नकद भुगतान के दौरान छुट्टे पैसों की चिकचिक और रसीद काटने में लगने वाला समय ही जाम की मुख्य वजह बनता है। डिजिटल भुगतान अनिवार्य होने से वाहनों की आवाजाही की रफ्तार बढ़ेगी, जिससे यात्रियों के समय के साथ-साथ उनके कीमती ईंधन की भी बचत होगी। NHAI ने स्पष्ट कर दिया है कि 1 अप्रैल के बाद टोल कर्मियों के पास कैश बॉक्स नहीं होंगे, इसलिए वाहन चालकों को पहले से ही अपनी डिजिटल व्यवस्था दुरुस्त रखनी होगी।
98% जनता पहले से ही 'डिजिटल', बाकी 2% के लिए चेतावनी
आंकड़ों की मानें तो भारत में टोल देने वाले 98% वाहन चालक पहले से ही FASTag का उपयोग कर रहे हैं। यही वजह है कि सरकार अब शत-प्रतिशत कैशलेस सिस्टम लागू करने का साहस जुटा पाई है। जो लोग अब भी नकद भुगतान पर निर्भर थे, उनके लिए अब कोई विकल्प नहीं बचेगा। यात्रियों की सुविधा के लिए अब टोल प्लाजा पर 'QR कोड' स्कैन करके UPI के जरिए भुगतान करने का विकल्प भी उपलब्ध कराया जा रहा है। अगर आप अब भी पुराने ढर्रे पर चल रहे हैं, तो किसी भी बैंक, पेटीएम, फोनपे या 'MyFASTag' ऐप के जरिए तुरंत अपना कार्ड सक्रिय कर लें।
सुगम सफर और पर्यावरण को लाभ
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस फैसले का व्यापक असर पर्यावरण पर भी पड़ेगा। जब वाहन टोल पर बिना रुके निकलेंगे, तो कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। इसके अलावा, पूरा डेटा ऑनलाइन होने की वजह से टोल वसूली में होने वाली हेराफेरी की गुंजाइश भी खत्म हो जाएगी। सरकार इस व्यवस्था को भविष्य में जीपीएस आधारित टोलिंग सिस्टम (GPS-based Tolling) से जोड़ने की भी तैयारी कर रही है। फिलहाल, यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे 31 मार्च तक अपने FASTag का केवाईसी (KYC) और बैलेंस चेक कर लें ताकि 1 अप्रैल को उन्हें हाइवे पर परेशानी का सामना न करना पड़े।