कुरुक्षेत्र में सीबीएसई परीक्षा का फर्जीवाड़ा: दूसरों की जगह गणित का पेपर देती युवती 15 मिनट में पकड़ी गई
May 17, 2026 10:28 AM
कुरुक्षेत्र। शिक्षा व्यवस्था और परीक्षाओं में सेंधमारी करने वाले गिरोह अब कुरुक्षेत्र में भी सक्रिय नजर आ रहे हैं। कुरुक्षेत्र की थर्ड गेट पुलिस चौकी की टीम ने सीबीएसई (CBSE) की 10वीं बोर्ड परीक्षा में एक बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा है। यहाँ एक युवती अपनी सहेली या कहें कि किसी अन्य छात्रा का भविष्य संवारने के लिए खुद फर्जी परीक्षार्थी बनकर एग्जाम हॉल में बैठ गई। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; परीक्षा शुरू होने के महज 15 मिनट के भीतर ही केंद्र पर तैनात स्टाफ की सतर्कता ने इस पूरे सिंडिकेट के मंसूबों पर पानी फेर दिया। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए परीक्षा दे रही युवती और उसके एक मददगार साथी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
कद-काठी ने खोल दी पोल, एग्जाम सुपरिंटेंडेंट को 15 मिनट में हुआ शक
यह पूरा मामला शुक्रवार 15 मई को गुरुकुल स्थित परीक्षा केंद्र पर सामने आया, जहाँ सीबीएसई की 10वीं कक्षा की गणित (मैथ्स) विषय की रि-अपीयर (कंपार्टमेंट) परीक्षा चल रही थी। परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हो चुकी थी और सभी छात्र अपनी-अपनी उत्तर पुस्तिकाओं में व्यस्त थे। इसी दौरान केंद्र पर बतौर सुपरिंटेंडेंट ड्यूटी दे रहे लेक्चरर नरेंद्र सिंह की नजर एक छात्रा पर जाकर टिक गई। नरेंद्र सिंह को उस छात्रा की शारीरिक बनावट, उम्र और हाव-भाव 10वीं क्लास के सामान्य बच्चों जैसे नहीं लगे। उसका चेहरा रोल नंबर स्लिप पर लगी तस्वीर से भी पूरी तरह मेल नहीं खा रहा था।
पूछताछ में टूटी 'सोनिया', कुरुक्षेत्र पुलिस को दी गई सूचना
शक गहराने पर सुपरिंटेंडेंट नरेंद्र सिंह ने बिना देर किए उस छात्रा को अलग ले जाकर पूछताछ शुरू की और उसके दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। पहले तो युवती ने टालमटोल करने की कोशिश की, लेकिन जब कड़ाई से पूछताछ हुई तो वह ज्यादा देर तक झूठ नहीं टिक सकी। युवती ने कबूल किया कि उसका असली नाम सोनिया है और वह कैथल की रहने वाली है, तथा वह किसी और असली छात्रा की जगह फर्जी तरीके से परीक्षा देने बैठी थी। परीक्षा केंद्र में हड़कंप मचते ही तुरंत स्थानीय पुलिस को फोन घुमाया गया, जिसके बाद थर्ड गेट चौकी पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर सोनिया को हिरासत में ले लिया।
महज 3 हजार रुपये के लालच में दलदल में उतरी युवती, ऐसे तय हुई थी डील
चौकी इंचार्ज विनोद कुमार ने मामले की परतें खोलते हुए बताया कि सोनिया को परीक्षा केंद्र तक छोड़ने आए उसके एक साथी विनोद कुमार (निवासी सीवन, जिला कैथल) को भी पुलिस ने बाहर घेराबंदी करके दबोच लिया। पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में जो बात सामने आई, उसने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। दरअसल, इस परीक्षा को पास कराने का पूरा सौदा महज 5 हजार रुपये में तय हुआ था। इस रकम में से मुख्य सॉल्वर सोनिया को सिर्फ 3 हजार रुपये मिलने थे, जबकि बची हुई 2 हजार रुपये की राशि इस पूरे फर्जीवाड़े की सेटिंग कराने वाले दलालों के हिस्से में जानी थी। चंद रुपयों के लालच में इस युवती ने अपने पूरे करियर को दांव पर लगा दिया।
दो आरोपी भेजे गए जेल, असली छात्रा और मुख्य दलालों की तलाश तेज
पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए गिरफ्तार आरोपी युवती सोनिया और उसके मददगार विनोद को कुरुक्षेत्र अदालत में पेश किया, जहाँ से माननीय न्यायाधीश ने दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश जारी कर दिए। हालांकि, कुरुक्षेत्र पुलिस के लिए इस मामले की गुत्थी अभी पूरी तरह नहीं सुलझी है। पुलिस अब उन मुख्य कड़ियों को जोड़ने में जुटी है जिन्होंने इस पूरी डील का ताना-बाना बुना था। कुरुक्षेत्र और कैथल के भागल गांव के रहने वाले उन युवकों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है जिन्होंने यह सौदा तय कराया था। इसके साथ ही, पुलिस उस असली छात्रा की गिरफ्तारी के लिए भी दबिश दे रही है, जिसने खुद परीक्षा न देकर अपनी जगह इस फर्जी परीक्षार्थी को एग्जाम हॉल में भेजा था।