कुरुक्षेत्र में मर्डर: लिव-इन पार्टनर ने की दुकानदार की हत्या, सिर पर चोट और मुंह से निकल रहा था झाग
May 17, 2026 10:02 AM
कुरुक्षेत्र। हरियाणा के कुरुक्षेत्र के मोहननगर इलाके में रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। यहाँ अग्रसेन चौक के पास जनरल स्टोर चलाने वाले 46 वर्षीय दुकानदार रामअवतार की उनकी ही लिव-इन पार्टनर ने कथित तौर पर हत्या कर दी और अपने बच्चों को समेटकर फरार हो गई। करीब एक साल पहले अपनी पत्नी को खो चुके रामअवतार को क्या मालूम था कि सोशल मीडिया या किसी माध्यम से जिंदगी में आई दिल्ली की महिला उनके लिए काल बन जाएगी। इस सनसनीखेज मामले के बाद से पूरे इलाके में दहशत और चर्चाओं का बाजार गर्म है। पुलिस ने मृतक की बेटी के बयानों के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश का चक्का घुमा दिया है।
दिल्ली की शालू से संपर्क और घर में शुरू हुआ कलह का दौर
पुलिस की शुरुआती जांच और पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, रामअवतार की शादी करीब 24 साल पहले हुई थी और उनके चार बच्चे (तीन बेटियां और एक बेटा) हैं। पिछले साल पत्नी के निधन के बाद रामअवतार बिल्कुल अकेले पड़ गए थे। इसी बीच उनका संपर्क दिल्ली के नरेला की रहने वाली शालू नाम की महिला से हुआ। शालू बीती 20 अप्रैल को अपने दो बच्चों के साथ कुरुक्षेत्र आकर रामअवतार के साथ रहने लगी। रामअवतार की बेटी शुभम ने बताया कि शुरुआत के कुछ दिन तो शांति से गुजरे, लेकिन जल्द ही शालू ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया और आए दिन महंगे सामान की फरमाइशें करने लगी।
फरमाइशें पूरी करने के बाद भी नहीं थमा झगड़ा, खर्च से दबा परिवार
मृतक की बेटी शुभम के अनुसार, शालू के घर में कदम रखते ही घरेलू खर्च अचानक आसमान छूने लगा था। उसके दबाव में आकर पिता ने घर के लिए नया फ्रिज, अलमारी और बेड तक खरीदा। इतना ही नहीं, रामअवतार ने शालू के बेटे का दाखिला भी कुरुक्षेत्र के एक नामी और महंगे स्कूल में करवा दिया ताकि घर में शांति बनी रहे। इन तमाम कोशिशों के बावजूद शालू के तेवर कम नहीं हुए और वह छोटी-मोटी बातों पर घर में क्लेश खड़ा करती रहती थी, जिससे रामअवतार काफी मानसिक तनाव में रहने लगे थे।
आधी रात कमरे से आई चीख, फोल्डिंग बेड पर लहूलुहान मिले रामअवतार
वारदात की रात का जिक्र करते हुए शुभम ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 11 बजे वह अपने भाई-बहनों के साथ नीचे वाले कमरे में मौजूद थी। ऊपर के कमरे में उसके पिता, शालू और उसके बच्चे सो रहे थे। अचानक ऊपर से पिता के जोर से चीखने की आवाज आई। शुभम भागकर ऊपर पहुंची, तो शालू ने चालाकी से उसे कोई बहाना बनाकर वापस नीचे भेज दिया। कुछ देर बाद जब शुभम को अनहोनी का शक हुआ और वह दोबारा ऊपर कमरे में गई, तो नजारा देखकर उसके होश उड़ गए। उसके पिता फोल्डिंग बेड पर अचेत पड़े थे, उनके सिर से खून बह रहा था और मुंह से लगातार सफेद झाग निकल रहा था।
अस्पताल पहुंचने से पहले थमी सांसें, फॉरेंसिक टीम को मिले अहम सुराग
घबराए बच्चों ने तुरंत अपने चाचा सुरेश कुमार को इस बात की इत्तला दी। परिजन आनन-फानन में रामअवतार को लेकर पास के एक निजी अस्पताल पहुंचे, जहाँ हालत नाजुक देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें एलएनजेपी (LNJP) सरकारी अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी और सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. नरेश कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि मृतक के सिर पर किसी भारी चीज से वार किया गया था, जिससे अंदरूनी ब्लीडिंग (इंटरनल हैमरेज) हुई। इसके अलावा रामअवतार की आंख, होंठ और नाक पर भी चोट के गहरे निशान मिले हैं, जो किसी बड़े संघर्ष की तरफ इशारा करते हैं।
पुलिस ने दर्ज किया हत्या का केस, फरार महिला की तलाश तेज
थाना सिटी के थाना प्रभारी (SHO) सुरेंद्र कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस को शुरुआत में अस्पताल से सूचना मिली थी कि किसी जहरीले पदार्थ के सेवन के कारण एक व्यक्ति की मौत हुई है। लेकिन मौके के हालात और मृतक की बेटी शुभम के चश्मदीद बयानों और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर मामले ने पूरी तरह यू-टर्न ले लिया। पुलिस ने आरोपी महिला शालू के खिलाफ धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया है और शालू की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली और आसपास के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।