अल फलाह यूनिवर्सिटी के जवाद सिद्दीकी पर ED का प्रहार: 39 करोड़ की संपत्ति कुर्क, लाल किला ब्लास्ट से जुड़े हैं तार
Apr 08, 2026 4:57 PM
फरीदाबाद। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली और हरियाणा में बड़ी छापेमारी और जांच के बाद अल फलाह यूनिवर्सिटी के सर्वेसर्वा जवाद अहमद सिद्दीकी की करोड़ों की जायदाद को अपने कब्जे में ले लिया है। मंगलवार को सामने आई जानकारी के अनुसार, ईडी ने पीएमएलए (PMLA) कानून के तहत एक अस्थायी कुर्की आदेश जारी किया है। इसके तहत दिल्ली के ओखला-जामिया नगर स्थित एक आलीशान मकान, फरीदाबाद के धौज क्षेत्र में फैली उपजाऊ खेती की जमीन और कई बैंक खातों में जमा भारी भरकम रकम व सावधि जमा (FD) को फ्रीज कर दिया गया है।
छात्रों से ठगी और 'व्हाइट कॉलर' आतंकी मॉड्यूल का कनेक्शन
61 वर्षीय जवाद अहमद सिद्दीकी पिछले साल से ही सलाखों के पीछे हैं। उन पर शुरुआती आरोप उनके शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों के साथ धोखाधड़ी और अवैध तरीके से धन उगाहने के लगे थे। लेकिन, जांच की परतें तब खुलीं जब पिछले साल 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किला क्षेत्र में हुए भीषण विस्फोट की कड़ियाँ अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ती दिखीं। उस धमाके में 15 बेगुनाह लोगों की जान चली गई थी। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यूनिवर्सिटी का प्रबंधन एक 'सफेदपोश' आतंकी मॉड्यूल को संरक्षण या वित्तीय मदद दे रहा था।
पहले भी लग चुका है ₹140 करोड़ का 'झटका'
यह पहली बार नहीं है जब सिद्दीकी और उनके समूह पर कानून का डंडा चला है। इससे पहले भी ईडी ने अपनी तफ्तीश के दौरान अल फलाह यूनिवर्सिटी की जमीन और विशालकाय इमारतों को कुर्क किया था, जिनकी बाजार में कीमत करीब 140 करोड़ रुपये बताई गई थी। ताजा कार्रवाई के बाद अब तक कुर्क की गई कुल संपत्तियों का आंकड़ा ₹180 करोड़ के करीब पहुंच गया है।
जांच के घेरे में कई और नाम
प्रवर्तन निदेशालय के सूत्रों का कहना है कि सिद्दीकी के बैंक खातों के लेनदेन की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच का मुख्य केंद्र यह है कि शिक्षा के नाम पर जुटाई गई यह करोड़ों की राशि क्या वाकई आतंकी गतिविधियों में इस्तेमाल हो रही थी? इस मामले में कई अन्य ट्रस्टियों और सहयोगियों से भी पूछताछ की संभावना है। फिलहाल, दिल्ली और फरीदाबाद की इन कुर्क संपत्तियों के हस्तांतरण या बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है, जिससे सिद्दीकी और अल फलाह समूह की मुश्किलें और बढ़ना तय है।