झज्जर पॉलिटेक्निक में बड़ा एक्शन: छात्रा से प्रताड़ना मामले में दो प्राध्यापकों का तबादला, निदेशालय सख्त
Apr 08, 2026 5:44 PM
झज्जर। झज्जर के राजकीय बहुतकनीकी संस्थान में पिछले काफी समय से सुलग रहा विवाद आखिरकार दो प्राध्यापकों के तबादले के साथ एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। तकनीकी शिक्षा निदेशालय ने संस्थान की एक छात्रा द्वारा कंप्यूटर लेक्चरर पर लगाए गए शोषण और मानसिक प्रताड़ना के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए यह सख्त अनुशासनात्मक कदम उठाया है। इस कार्रवाई के तहत दो प्राध्यापकों को तत्काल प्रभाव से झज्जर से हटाकर अन्य केंद्रों पर स्थानांतरित कर दिया गया है।
रस्साकशी और हंगामे के बीच दम तोड़ती पढ़ाई
यह पूरा विवाद तब चर्चा में आया जब एक छात्रा ने हिम्मत दिखाते हुए कंप्यूटर लेक्चरर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। आरोपों के बाद संस्थान दो गुटों में बंट गया था, जिससे कैंपस के भीतर रस्साकशी का माहौल बना हुआ था। इस खींचतान का सीधा असर छात्रों की पढ़ाई और संस्थान की साख पर पड़ रहा था। आए दिन होने वाले हंगामे और तनावपूर्ण माहौल के बीच निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना निदेशालय के लिए बड़ी चुनौती बन गया था।
जांच रिपोर्ट और तबादले की गाज
मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी शिक्षा निदेशालय ने उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की थी। सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान न केवल छात्रा के आरोपों के पहलुओं को देखा गया, बल्कि संस्थान के भीतर बिगड़ते प्रशासनिक ढांचे और आपसी गुटबाजी को भी नोट किया गया। निदेशालय का मानना है कि संस्थान में शांति बहाली और बिना किसी दबाव के जांच पूरी करने के लिए आरोपियों का वहां से हटना जरूरी था। हालांकि, यह तबादला केवल शुरुआत मानी जा रही है, जांच की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद सख्त कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
स्टाफ और छात्रों में हड़कंप, कड़े संदेश की तैयारी
निदेशालय की इस त्वरित कार्रवाई ने संस्थान के अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच खलबली मचा दी है। विभागीय अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि शैक्षणिक संस्थानों में किसी भी प्रकार की प्रताड़ना या अनुशासनहीनता के लिए कोई जगह नहीं है। छात्रों का कहना है कि इस फैसले से उनमें सुरक्षा का भाव जगेगा और पढ़ाई का माहौल दोबारा सुचारू हो सकेगा। फिलहाल, पुलिस और विभागीय जांच टीमें मामले की गहराई तक जाने में जुटी हैं।