हरियाणा कैबिनेट का बड़ा फैसला: अग्निवीरों को 20% आरक्षण और मजदूरों को ₹15,220 की न्यूनतम सैलरी
Apr 08, 2026 5:17 PM
हरियाणा। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने आज कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक के बाद प्रदेश के विभिन्न वर्गों के लिए सौगातों की बौछार कर दी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने 'अग्निवीर नीति 2024' में बड़ा संशोधन किया है। अब प्रदेश में फॉरेस्ट गार्ड, जेल वार्डर और माइनिंग गार्ड जैसे पदों पर अग्निवीरों के लिए हॉरिजॉन्टल आरक्षण को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधा 20 प्रतिशत कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इन जवानों के सैन्य प्रशिक्षण और अनुशासन का लाभ प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने में मिलेगा।
मजदूरों की 'मिनिमम वेज' में भारी उछाल, ₹15,220 हुई न्यूनतम सैलरी
महंगाई के इस दौर में प्रदेश के अकुशल श्रमिकों (Unskilled Labourers) के लिए सरकार ने बड़ी राहत दी है। कैबिनेट ने एक्सपर्ट कमेटी की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए न्यूनतम मजदूरी को ₹11,257 से बढ़ाकर ₹15,220 प्रति माह करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। इस फैसले से प्रदेश के लाखों दिहाड़ी मजदूरों और निजी क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार आने की उम्मीद है।
महिलाओं को राशन डिपो में 33% आरक्षण, एसिड अटैक पीड़ितों को वरीयता
महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए कैबिनेट ने राशन डिपो के आवंटन नियमों (PDS संशोधन आदेश 2026) को मंजूरी दे दी है। अब राशन डिपो के आवंटन में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। इसमें भी एसिड अटैक सर्वाइवर्स, विधवाओं और महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा, डिपो धारकों के लिए आयु सीमा और लाइसेंस नवीनीकरण के नियमों को भी व्यावहारिक बनाया गया है। अब 300 के बजाय 500 राशन कार्ड होने पर ही नया डिपो लाइसेंस जारी किया जाएगा।
बुजुर्गों के लिए 'रिटायरमेंट हाउसिंग' और बिल्डरों को राहत
रिटायरमेंट के बाद सुकून से रहने की चाह रखने वाले बुजुर्गों के लिए सरकार ने 'रिटायरमेंट हाउसिंग पॉलिसी' में बड़ा बदलाव किया है। मंत्रिमंडल ने ऐसी कॉलोनियों के लिए फ्लोर एरिया रेशो (FAR) को 2.25 से बढ़ाकर 3.0 कर दिया है, जिससे अब बेहतर और आधुनिक हाउसिंग प्रोजेक्ट्स का निर्माण हो सकेगा।
वहीं, औद्योगिक और व्यावसायिक प्रोजेक्ट्स के लिए 'रास्ता' देने के नियमों (नियम 5A) में भी ढील दी गई है। अब शामलात जमीन के जरिए प्रोजेक्ट्स तक पहुंचने का रास्ता साफ हो सकेगा, बशर्ते प्रोजेक्ट का कुछ हिस्सा विकसित रूप में पंचायत को वापस दिया जाए।
"सबका साथ, सबका विकास" का मंत्र
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इन फैसलों को 'अंत्योदय' की भावना से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि सरकार हर वर्ग को साथ लेकर चल रही है और ये फैसले हरियाणा के चहुंमुखी विकास में मील का पत्थर साबित होंगे। राजनीतिक गलियारों में इन फैसलों को आगामी चुनावों से पहले सरकार की 'मास्टरस्ट्रोक' के रूप में देखा जा रहा है।