फरीदाबाद वालों की मौज: अब चिलचिलाती गर्मी में ई-बसों का ठंडा सफर, 100 बसें तैयार
Mar 30, 2026 10:24 AM
फरीदाबाद। फरीदाबाद के सार्वजनिक परिवहन की सूरत बदलने वाली है। औद्योगिक नगरी की लाइफलाइन कही जाने वाली सड़कों पर जल्द ही 100 हाई-टेक इलेक्ट्रिक बसें फर्राटा भरती दिखेंगी। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (FMDA) की यह महत्वाकांक्षी योजना, जो लंबे समय से जमीन की कमी के कारण फाइलों में दबी थी, अब धरातल पर उतरने को तैयार है। सेक्टर-61 में 5 एकड़ के विशाल भूखंड पर बस डिपो के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यह कदम न केवल यात्रियों को निजी वाहनों के झंझट से मुक्ति दिलाएगा, बल्कि शहर की हवा सुधारने की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगा।
₹9 करोड़ का मास्टरप्लान: सिर्फ डिपो नहीं, बनेगा बिजनेस हब
प्रशासन ने इस प्रोजेक्ट के लिए बजट की रूपरेखा तैयार कर ली है। कुल 9 करोड़ रुपये में से 6 करोड़ डिपो के बुनियादी ढांचे पर और 3 करोड़ रुपये विशेष इलेक्ट्रिकल कार्यों व चार्जिंग पॉइंट्स पर खर्च किए जाएंगे। दिलचस्प बात यह है कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) इस डिपो को केवल बस पार्किंग तक सीमित नहीं रखेगा। यहां वर्कशॉप और स्टाफ रूम के साथ-साथ कमर्शियल स्पेस भी तैयार किया जाएगा, ताकि जमीन की लागत की भरपाई की जा सके। यह मॉडल आत्मनिर्भर परिवहन व्यवस्था की ओर एक बड़ा इशारा है।
गर्मी और उमस को मिलेगी मात, सुरक्षा भी होगी 'स्मार्ट'
फरीदाबाद की झुलसाने वाली गर्मी में सफर करना किसी सजा से कम नहीं होता, लेकिन ये नई ई-बसें पूरी तरह वातानुकूलित होंगी। अधिकारियों का दावा है कि यात्रियों को मेट्रो जैसा अनुभव सड़क पर मिलेगा। महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर बस में पैनिक बटन और सीसीटीवी कैमरों का जाल होगा, जिसकी सीधी मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की जाएगी। ई-बसों के आने से न केवल ध्वनि प्रदूषण कम होगा, बल्कि डीजल बसों से निकलने वाले जहरीले धुएं से भी राहत मिलेगी।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट की मजबूती से बदलेगी शहर की रफ़्तार
मौजूदा समय में फरीदाबाद के कई अंदरूनी इलाकों में बेहतर कनेक्टिविटी न होने के कारण लोग ऑटो या निजी वाहनों पर निर्भर हैं। 100 नई बसों के बेड़े में शामिल होने से बल्लभगढ़ से लेकर एनआईटी और ग्रेटर फरीदाबाद तक का सफर आसान हो जाएगा। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उठाया गया यह कदम शहर के 'ईको-सिस्टम' को भी मजबूती देगा। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले कुछ महीनों के भीतर डिपो का काम पूरा कर बसों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा।