फरीदाबाद में एसीबी की बड़ी रेड: छांयसा थाने का एडिशनल एसएचओ ₹40,000 रिश्वत लेते गिरफ्तार
Mar 13, 2026 3:58 PM
फरीदाबाद। फरीदाबाद पुलिस के दामन पर एक बार फिर रिश्वतखोरी का दाग लगा है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने छांयसा थाने में बड़ी कार्रवाई करते हुए वहां तैनात एडिशनल एसएचओ, सब-इंस्पेक्टर प्रदीप को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ मुख्यमंत्री की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत एसीबी ने यह जाल बिछाया था। आरोपी अधिकारी एक ऐसे मामले में चांदी काटने की फिराक में था, जिसमें दोनों पक्ष पहले ही आपस में राजीनामा कर चुके थे। लेकिन कानून की धौंस दिखाकर पैसे ऐंठने का लालच एसआई को भारी पड़ गया।
समझौता होने के बाद भी मांग रहा था 'सेवा शुल्क'
पूरा मामला एक सड़क हादसे से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि इस हादसे के बाद दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से विवाद सुलझा लिया था और इसकी जानकारी थाने को भी दे दी गई थी। नियमतः पुलिस को इस मामले को यहीं खत्म कर देना चाहिए था, लेकिन एडिशनल एसएचओ प्रदीप की नीयत डोल गई। उसने मुकदमा रद्द करने और आगे की कानूनी कार्रवाई न करने के बदले 40 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। पीड़ित ने भ्रष्ट अधिकारी की मांग के आगे झुकने के बजाय इसकी सूचना सीधा एंटी करप्शन ब्यूरो को दे दी।
रंगे हाथों पकड़ने के लिए एसीबी ने बिछाया जाल
शिकायत मिलते ही एसीबी की टीम ने प्राथमिक जांच की और मामला सही पाए जाने पर 'ट्रैप' तैयार किया। योजना के मुताबिक, शिकायतकर्ता को पाउडर लगे नोटों के साथ एसआई प्रदीप के पास भेजा गया। जैसे ही छांयसा थाने के भीतर एसआई ने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 40 हजार रुपये अपने हाथ में लिए, वहां सादे कपड़ों में मौजूद एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया। हाथ धुलवाते ही नोटों पर लगा गुलाबी रंग उभर आया, जिसने आरोपी की सारी सफाई फेल कर दी।
विभाग में खलबली, पूछताछ में जुट गई टीमें
थाने के अंदर हुई इस गिरफ्तारी के बाद जिले के अन्य पुलिस कर्मियों में भी डर का माहौल है। एसीबी के अधिकारियों का कहना है कि आरोपी एसआई से यह जानने की कोशिश की जा रही है कि इस उगाही के पीछे क्या कोई और बड़ा अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल है। ब्यूरो ने साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह वर्दी में ही क्यों न हो। फिलहाल आरोपी पुलिसकर्मी को हिरासत में लेकर आगामी कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।