हरियाणा-यूपी का सफर होगा आसान: हसनपुर यमुना पुल पर 35 करोड़ से तैयार हो रही है नई अप्रोच रोड
Apr 27, 2026 5:07 PM
हरियाणा। हरियाणा और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों के लिए विकास की एक नई इबारत लिखी जा रही है। पलवल जिले के हसनपुर क्षेत्र में यमुना नदी पर बन रहे बहुप्रतीक्षित पक्के पुल और उससे जुड़ने वाली अप्रोच सड़क ने अब रफ्तार पकड़ ली है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने मार्ग के लिए जमीन की पैमाइश का काम पूरा कर साफ-सफाई शुरू कर दी है। इस परियोजना के धरातल पर उतरने से न केवल दो राज्यों की सीमाएं जुड़ेंगी, बल्कि दशकों से नाव या लंबे चक्कर काटकर यूपी जाने वाले लोगों को एक सुगम और पक्का रास्ता मिल जाएगा।
इंजीनियरिंग का तालमेल: 11 पिलरों पर टिका है विकास का सेतु
यमुना नदी पर बन रहे इस पुल की बनावट भी दिलचस्प है। कुल 11 पिलरों वाले इस पुल का बड़ा हिस्सा यानी 10 पिलर उत्तर प्रदेश की सीमा में हैं, जबकि एक पिलर हरियाणा की तरफ बनाया जा रहा है। निर्माण कार्य की मौजूदा स्थिति को देखें तो यूपी की तरफ पिलरों पर लेंटर डालने का काम लगभग मुकम्मल हो चुका है, बस दो पिलरों पर सेंटरिंग का काम बाकी है। जैसे ही हरियाणा की तरफ की अप्रोच रोड इस पुल से मिलेगी, पलवल और अलीगढ़ के बीच आवाजाही का एक सुपरफास्ट कॉरिडोर तैयार हो जाएगा।
अधिग्रहण का कांटा निकला, अब काम में नहीं कोई बाधा
अक्सर बड़ी विकास परियोजनाएं जमीन अधिग्रहण के पेंच में फंस जाती हैं, लेकिन इस प्रोजेक्ट के साथ ऐसा नहीं है। करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी अप्रोच सड़क के निर्माण के लिए सरकार ने 96 किसानों की जमीन अधिग्रहित की थी। राहत की बात यह है कि सभी संबंधित किसानों को मुआवजे की राशि का भुगतान किया जा चुका है। अब लोक निर्माण विभाग के पास जमीन का भौतिक कब्जा है, जिससे निर्माण कार्य में किसी भी तरह की कानूनी या सामाजिक बाधा की गुंजाइश खत्म हो गई है।
व्यापार और रोजगार की नई उम्मीदें
इस सड़क और पुल का महत्व केवल यातायात तक सीमित नहीं है। हसनपुर और आसपास के दर्जनों गांवों के लिए यह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ और खैर जैसे व्यापारिक केंद्रों तक पहुंचने का सबसे आसान जरिया बनेगा। किसानों को अपनी फसल मंडियों तक ले जाने में आसानी होगी, तो वहीं स्थानीय दुकानदारों के लिए माल की ढुलाई सस्ती हो जाएगी। क्षेत्रीय जानकारों का मानना है कि इस कनेक्टिविटी से पलवल के सीमावर्ती इलाकों की अर्थव्यवस्था में बड़ा उछाल आएगा और दोनों राज्यों के बीच सामाजिक-सांस्कृतिक मेलजोल को भी बढ़ावा मिलेगा।