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झज्जर अग्निकांड: खेत की आग ने ली 7 साल की सलोनी की जान, झुग्गी में जिंदा जली मासूम

Apr 27, 2026 4:47 PM

झज्जर। झज्जर जिले के गांव दादरी तोए के पास सोमवार को एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई। गेहूं की कटाई के बाद खेतों में बचे अवशेषों (फास) में लगी आग ने एक गरीब परिवार का चिराग बुझा दिया। उत्तर प्रदेश के रहने वाले मजदूर बुद्धिसन की 7 वर्षीय बेटी सलोनी इस भीषण अग्निकांड का शिकार हो गई। बताया जा रहा है कि दोपहर के वक्त जब खेतों में आग सुलग रही थी, तो तेज हवाओं के झोंके ने लपटों को पास ही बनी प्रवासी मजदूरों की झुग्गी-झोपड़ी की तरफ मोड़ दिया। झोपड़ी सूखी घास और प्लास्टिक की पन्नी से बनी थी, जिसने चंद सेकंडों में ही आग पकड़ ली।

बचाने का नहीं मिला मौका, मासूम ने मौके पर ही तोड़ा दम

हादसे के वक्त मासूम सलोनी झोपड़ी के भीतर ही थी। बुद्धिसन और उसका परिवार आसपास ही मजदूरी में व्यस्त था, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को कुछ समझने या संभलने का मौका तक नहीं मिला।

आग का विकराल रूप देखकर आसपास के ग्रामीण और अन्य मजदूर मौके पर दौड़े, लेकिन तब तक आग पूरी झोपड़ी को खाक कर चुकी थी। ग्रामीणों ने बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाने की जद्दोजहद की, मगर अंदर फंसी सलोनी को बचाया नहीं जा सका। बुद्धिसन पिछले 4 साल से झज्जर में मेहनत-मजदूरी कर अपने दो बच्चों का पेट पाल रहा था, लेकिन इस एक हादसे ने उसकी दुनिया उजाड़ दी।

पुलिस की कार्रवाई और पसरा सन्नाटा

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और बच्ची के अधजले शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए झज्जर के नागरिक अस्पताल भिजवाया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह हादसा खेतों में लगी आग के फैलने से हुआ प्रतीत हो रहा है, फिर भी हर पहलू की जांच की जा रही है। इस हृदयविदारक घटना के बाद से ही दादरी तोए और आसपास के इलाकों में गहरा शोक है। ग्रामीणों का कहना है कि गेहूं के सीजन में फास में आग लगाना अक्सर ऐसे हादसों का कारण बनता है, जिसकी कीमत आज एक मासूम को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।

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