झज्जर पुलिस का एक्शन: 1680 नशीले कैप्सूल के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार, दिल्ली सप्लाई नेटवर्क का भंडाफोड़
Apr 27, 2026 4:21 PM
झज्जर। झज्जर पुलिस प्रशासन ने नशा तस्करों की कमर तोड़ने के लिए अपनी मुहिम तेज कर दी है। एंटी नारकोटिक सेल की टीम ने पिछले 48 घंटों के भीतर बहादुरगढ़ क्षेत्र में दो बड़े 'ऑपरेशन' चलाकर तीन नशा तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह ने सोमवार को इस सफलता की जानकारी साझा करते हुए बताया कि आरोपियों के पास से 1680 नशीले कैप्सूल और 75 प्रतिबंधित शीशियां बरामद की गई हैं। यह पूरी खेप करीब साढ़े सात किलो वजन की है, जिसे युवाओं के बीच खपाने की तैयारी थी।
पहली सफलता: आई-20 कार में बिक रहा था 'जहर', सप्लाई नेटवर्क एक्सपोज
पुलिस की पहली बड़ी रेड 23 अप्रैल को थाना सदर बहादुरगढ़ के अंतर्गत आने वाले गांव नूना माजरा में हुई। पुलिस को इनपुट मिला था कि एक सफेद आई-20 कार के जरिए नशीली दवाइयों की तस्करी की जा रही है। एंटी नारकोटिक सेल ने घेराबंदी कर अनुज निवासी आसौदा को काबू किया। जब कार की तलाशी ली गई, तो पुलिस के भी होश उड़ गए; वहां से 960 नशीले कैप्सूल और 75 प्रतिबंधित शीशियां बरामद हुईं। अनुज से जब सख्ती से पूछताछ हुई, तो उसने दिल्ली के छावला निवासी मनीष का नाम उगला, जो इस खेप का मुख्य सप्लायर था। पुलिस ने बिना देरी किए दिल्ली में दबिश देकर मनीष को भी गिरफ्तार कर लिया।
दूसरी रेड: दिल्ली का युवक बहादुरगढ़ में कैप्सूल बेचते गिरफ्तार
नशे के खिलाफ जारी इस प्रहार की दूसरी कड़ी 25 अप्रैल को थाना लाइनपार बहादुरगढ़ में देखने को मिली। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने छोटू राम नगर स्थित शिव मंदिर के पास जाल बिछाया। यहाँ से यशवंत नामक युवक को गिरफ्तार किया गया, जो पश्चिमी दिल्ली के निलोठी (वेस्ट दिल्ली) का रहने वाला है। यशवंत के पास से 720 नशीले कैप्सूल बरामद हुए हैं। पुलिस की अब तक की जांच में यह साफ हो गया है कि बहादुरगढ़ और झज्जर में नशा सप्लाई करने वाले इन गिरोहों के तार सीधे तौर पर दिल्ली के बड़े डीलरों से जुड़े हुए हैं।
जीरो टॉलरेंस की नीति: सप्लायर से लेकर खरीदार तक रडार पर
डॉ. राजश्री सिंह ने मीडिया से मुखातिब होते हुए साफ किया कि नशे के सौदागरों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि डीसीपी क्राइम शुभम सिंह के मार्गदर्शन और सब-इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार की टीम ने पूरी कानूनी प्रक्रिया (राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी) के तहत इस रेड को अंजाम दिया है। बरामद दवाइयों की पुष्टि ड्रग्स इंस्पेक्टर और सरकारी डॉक्टर द्वारा करवाई गई है ताकि कानूनी शिकंजा मजबूती से कसा जा सके। पुलिस कमिश्नर ने जनता से अपील की है कि वे अपने आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें और युवाओं को इस जानलेवा लत से बचाने में प्रशासन का सहयोग करें।