फरीदाबाद मर्डर मिस्ट्री: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर प्रेमी ने ईंट से कर दिया आरती का कत्ल
May 01, 2026 3:36 PM
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी के बल्लभगढ़ इलाके में पिछले दिनों हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में क्राइम ब्रांच को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने आरोपी प्रेमी वीरू को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने कबूल किया है कि उसने ब्लैकमेलिंग के अंतहीन सिलसिले को खत्म करने के लिए अपनी प्रेमिका आरती उर्फ फिरोजा की हत्या की। 21 और 22 अप्रैल की दरम्यानी रात हुए इस कत्ल की पटकथा शराब के नशे और पैसों के विवाद के बीच लिखी गई। आरोपी ने गुस्से में पास पड़ी ईंट से आरती के सिर पर तब तक प्रहार किए जब तक उसकी सांसें नहीं थम गईं।
तीन भाइयों के साथ जुड़ी थी आरती की तकदीर
डीसीपी क्राइम के मार्गदर्शन में एसीपी वरुण दहिया ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मृतक आरती का जीवन काफी पेचीदा रहा था। मूल रूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली आरती करीब 25 साल पहले फरीदाबाद आई थी। साल 2000 में उसने मुकेश नाम के व्यक्ति से कोर्ट मैरिज की, लेकिन 14 साल बाद रिश्ता टूट गया। इसके बाद आरती की मुलाकात सन्नी से हुई, जिसकी कुछ समय बाद मौत हो गई। इसके बाद आरती सन्नी के दूसरे भाई राकेश के साथ रहने लगी, लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था और राकेश की भी बीमारी से मौत हो गई। अंत में आरती का संपर्क सन्नी और राकेश के तीसरे भाई वीरू से हुआ, जो जेल से छूटकर आया था।
ब्लैकमेलिंग का वो खौफनाक अंजाम
वीरू एनडीपीएस एक्ट के मामले में जेल की हवा खाकर बाहर आया था और मुजेसर की एक निजी कंपनी में नौकरी कर रहा था। इसी दौरान वह अपनी भाभी रह चुकी आरती के साथ प्रेम संबंधों में बंध गया। वीरू पहले से शादीशुदा था, जिसका फायदा उठाकर आरती उसे लोक-लाज और संबंधों का हवाला देकर ब्लैकमेल करने लगी। वीरू के मुताबिक, वह बार-बार पैसे मांगकर उसे प्रताड़ित कर रही थी। वारदात वाली रात दोनों बल्लभगढ़ सब्जी मंडी के पास मिले। वहां शराब पीने के दौरान जब आरती ने फिर से पैसों की डिमांड रखी, तो वीरू का धैर्य जवाब दे गया।
ईंट से हमला कर हुआ था फरार
झगड़ा इतना बढ़ा कि वीरू ने पास पड़ी एक ईंट उठाई और आरती के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। आरती की मौके पर ही मौत हो गई और वीरू अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। 22 अप्रैल की सुबह जब पुलिस को शव मिला, तो शिनाख्त के बाद कड़ियां जुड़नी शुरू हुईं। क्राइम ब्रांच की टीम ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से 1 मई की सुबह वीरू को धर दबोचा। पुलिस के हत्थे चढ़ते ही आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। फिलहाल पुलिस हत्या में इस्तेमाल हथियार और अन्य साक्ष्यों को जुटाने में लगी है।