फरीदाबाद बनेगा EV हब: 100 नए चार्जिंग स्टेशनों से चार्ज होंगे 20 हजार इलेक्ट्रिक वाहन
Apr 26, 2026 3:27 PM
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद अब प्रदूषण मुक्त सफर यानी 'ग्रीन मोबिलिटी' की दिशा में लंबी छलांग लगाने को तैयार है। शहर की सड़कों पर दौड़ते हजारों इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के लिए सबसे बड़ी सिरदर्दी यानी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी अब जल्द ही दूर होगी। फरीदाबाद नगर निगम ने शहर के कोने-कोने में 100 से अधिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का खाका तैयार किया है। अच्छी बात यह है कि इस प्रोजेक्ट को लेकर बाजार में भारी उत्साह है और करीब 8 निजी एजेंसियों ने निवेश के लिए हाथ आगे बढ़ाए हैं।
20 हजार वाहनों को मिलेगी 'रफ्तार'
आंकड़ों पर गौर करें तो फरीदाबाद में रजिस्टर्ड इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या 20 हजार का आंकड़ा पार कर चुकी है। विडंबना यह है कि इतनी बड़ी संख्या के बावजूद अब तक नगर निगम या किसी अन्य सरकारी विभाग ने कोई सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन सक्रिय नहीं किया था। नतीजा यह है कि लोग मजबूरन घरों में ही गाड़ियां चार्ज करते हैं। तकनीकी विशेषज्ञों की मानें तो घरेलू बिजली कनेक्शन पर लंबी चार्जिंग और ओवर-हीटिंग से आग लगने का खतरा बना रहता है। फरीदाबाद में ऐसी कई घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। अब सार्वजनिक स्टेशनों के आने से न केवल सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि लोगों का 'रेंज एंग्जायटी' (बैटरी खत्म होने का डर) भी कम होगा।
कॉलेजों और बाजारों में लगेंगे पॉइंट
नगर निगम ने इस बार रणनीति में बदलाव किया है। पिछले साल 16 जगहों का चयन किया गया था, लेकिन वह योजना फाइलों से बाहर नहीं निकल पाई। अब निगम ने सरकारी विभागों, प्रमुख कॉलेजों और शहर के व्यस्त बाजारों को चिन्हित किया है। इससे छात्रों और खरीदारी करने आए लोगों को अपनी गाड़ियां पार्क करने के साथ ही चार्ज करने की सुविधा मिलेगी। एक और दिलचस्प पहलू यह है कि इन स्टेशनों को 'हब' की तरह विकसित किया जाएगा, जहां फूड स्टॉल और कैफेटेरिया की सुविधा होगी। यानी जब तक आपकी गाड़ी चार्ज होगी, तब तक आप अपने पसंदीदा व्यंजनों का आनंद ले सकेंगे।
प्रदूषण मुक्त भविष्य की ओर कदम
राज्य सरकार की नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत फरीदाबाद को एक मॉडल शहर के रूप में पेश करने की तैयारी है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच लोग तेजी से ईवी की ओर रुख कर रहे हैं, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी उनके कदम रोक रही थी। नगर निगम के इस फैसले से न केवल स्थानीय निवासियों को राहत मिलेगी, बल्कि शहर के वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में भी सुधार की उम्मीद है। निगम अधिकारियों के मुताबिक, जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर धरातल पर काम शुरू कर दिया जाएगा।