हरियाणा सरकार का बड़ा एक्शन: फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी का कंट्रोल लिया, IAS अमित अग्रवाल बने प्रशासक
Mar 21, 2026 4:29 PM
फरीदाबाद। हरियाणा के उच्च शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। फरीदाबाद स्थित निजी क्षेत्र की अल-फलाह यूनिवर्सिटी के प्रबंधन में मची उथल-पुथल के बीच राज्य सरकार ने हस्तक्षेप करते हुए इसका पूरा कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया है। लंबे समय से चल रही जांच और गंभीर वित्तीय व प्रशासनिक अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद, सरकार ने विश्वविद्यालय की स्वायत्तता को सीमित करते हुए वहां प्रशासक बैठा दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमित कुमार अग्रवाल को यूनिवर्सिटी का प्रशासक नियुक्त किया गया है, जो अब सीधे तौर पर संस्थान के एडमिनिस्ट्रेटिव और फाइनेंशियल पोर्टफोलियो की देखरेख करेंगे।
जांच समिति की रिपोर्ट बनी कार्रवाई का आधार
सूत्रों के अनुसार, अल-फलाह यूनिवर्सिटी के कामकाज को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद सरकार ने एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया था। इस समिति ने जब अपनी रिपोर्ट सौंपी, तो उसमें विश्वविद्यालय के दैनिक संचालन से लेकर नियुक्तियों और वित्तीय लेन-देन में कई तरह की विसंगतियां पाई गईं। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि वर्तमान प्रबंधन नियमों के मुताबिक संस्थान चलाने में विफल रहा है। इसी रिपोर्ट को आधार बनाकर उच्च शिक्षा विभाग ने यूनिवर्सिटी का प्रबंधन अपने कब्जे में लेने की सिफारिश की थी।
छात्रों के भविष्य पर नहीं पड़ेगा असर, अमित अग्रवाल संभालेंगे कमान
सरकार के इस फैसले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू छात्रों की पढ़ाई को सुरक्षित रखना है। आईएएस अमित कुमार अग्रवाल की नियुक्ति के साथ ही यह साफ कर दिया गया है कि यूनिवर्सिटी में चल रहे कोर्सेज और डिग्री की मान्यता पर कोई आंच नहीं आएगी। प्रशासक के रूप में अग्रवाल अब न केवल पुराने विवादों का निपटारा करेंगे, बल्कि यूनिवर्सिटी के बजट और भविष्य की योजनाओं पर भी अंतिम फैसला उन्हीं का होगा। यह कदम निजी विश्वविद्यालयों के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है कि नियमों की अनदेखी करने पर सरकार चुप नहीं बैठेगी।
पारदर्शी व्यवस्था की ओर बढ़ते कदम
फरीदाबाद जैसे औद्योगिक और शैक्षणिक केंद्र में स्थित इस यूनिवर्सिटी का अधिग्रहण हरियाणा सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति का हिस्सा माना जा रहा है। प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि आने वाले दिनों में कुछ अन्य निजी संस्थानों की भी स्क्रूटनी की जा सकती है। फिलहाल, अल-फलाह यूनिवर्सिटी में नए सत्र की तैयारियां और लंबित परीक्षाओं का संचालन अब सरकारी निगरानी में होगा, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकेगी।