एनसी मेडिकल कॉलेज में छात्रों का हल्ला बोल, सिक्योरिटी गार्ड पर थप्पड़ मारने का आरोप, गेट बंद कर किया प्रदर्शन
May 05, 2026 5:33 PM
पानीपत । पानीपत के इसराना स्थित एनसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (NC Medical College) में मंगलवार की सुबह उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब मामूली चेकिंग को लेकर सिक्योरिटी गार्ड और एमबीबीएस छात्र आपस में भिड़ गए। विवाद इतना बढ़ा कि आक्रोशित छात्रों ने कॉलेज का मुख्य गेट बंद कर दिया और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कॉलेज परिसर में करीब आधे घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
एंट्री को लेकर छिड़ी बहस, थप्पड़ मारने का आरोप
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह पूरा घटनाक्रम सुबह करीब 8:30 बजे शुरू हुआ। एमबीबीएस तृतीय वर्ष का छात्र जतिन बेरा जब कॉलेज के मुख्य द्वार से अंदर दाखिल हो रहा था, तब वहां तैनात सुरक्षाकर्मी अजेस ने उसे रोक लिया। बताया जा रहा है कि सुरक्षाकर्मी गेट पर आने-जाने वालों की चेकिंग कर रहे थे।
जतिन और गार्ड के बीच कल भी किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी, जो आज फिर से सुलग उठी। छात्र जतिन का आरोप है कि बहस के दौरान सिक्योरिटी गार्ड ने अपना आपा खो दिया और उसे थप्पड़ जड़ दिया। अपने साथी के साथ हुई इस बदसलूकी की खबर जैसे ही हॉस्टल में फैली, दर्जनों छात्र मौके पर जमा हो गए और उन्होंने गेट के बीचों-बीच बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
"सुविधाएं शून्य, रवैया तानाशाही"— छात्रों का फूटा गुस्सा
हंगामे के दौरान छात्रों ने न केवल सुरक्षाकर्मियों पर, बल्कि कॉलेज प्रबंधन पर भी गंभीर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि कॉलेज में फीस के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर ढांचा चरमराया हुआ है। छात्रों का कहना है कि सिक्योरिटी स्टाफ का व्यवहार छात्रों के प्रति अक्सर अपमानजनक रहता है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अधिकारी की समझाइश के बाद खुला गेट
मामले को बढ़ता देख सिक्योरिटी ऑफिसर ओम प्रकाश आनन-फानन में मौके पर पहुंचे। उन्होंने उत्तेजित छात्रों को निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। करीब आधे घंटे की मशक्कत और मान-मनौव्वल के बाद छात्र शांत हुए और गेट खोला गया। इसके बाद छात्रों को वापस उनके हॉस्टल भेज दिया गया और सुचारू रूप से कामकाज शुरू हो सका।
फिलहाल, कॉलेज प्रशासन ने इस मामले में चुप्पी साध रखी है, लेकिन कैंपस के भीतर तनाव बरकरार है। सुरक्षा घेरे में रहने वाले भावी डॉक्टरों और सुरक्षाकर्मियों के बीच का यह आपसी टकराव कॉलेज की अनुशासन व्यवस्था पर भी सवालिया निशान लगा रहा है।