बहादुरगढ़ में मौसम का मिजाज बदला: तेज बारिश और ओलावृष्टि से लुढ़का पारा, गर्मी छू मंतर
May 05, 2026 4:57 PM
हरियाणा। मंगलवार सुबह से ही बहादुरगढ़ और आसपास के इलाकों में सूरज के तेवर तल्ख थे। लोग पसीने से तरबतर थे और पारा लगातार ऊपर चढ़ रहा था। लेकिन दोपहर करीब 3 बजे के बाद अचानक हवा का रुख बदला और धूल भरी आंधी चलने लगी। देखते ही देखते आसमान काला हो गया और तेज गरज के साथ बारिश शुरू हो गई। इस दौरान करीब 10-15 मिनट तक मध्यम आकार के ओले गिरे, जिससे सड़कों पर सफेद चादर बिछ गई। अचानक हुई इस ओलावृष्टि ने राहगीरों को सुरक्षित स्थानों की ओर भागने पर मजबूर कर दिया।
किसान बेहाल: 'सब्जी के कटोरे' पर ओलों का प्रहार
प्रकृति का यह बदलाव आम शहरियों के लिए तो सुहावना रहा, लेकिन बहादुरगढ़ के ग्रामीण इलाकों में स्थिति इसके उलट है। बहादुरगढ़ क्षेत्र को सब्जियों की खेती के लिए जाना जाता है, लेकिन आज की ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी टमाटर, भिंडी, मिर्च और बेल वाली सब्जियों को खासा नुकसान पहुँचाया है। किसानों का कहना है कि ओलों की चोट से सब्जियों के फूल और कोमल तने टूट गए हैं, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है। "हमने सोचा था बारिश से सिंचाई का खर्चा बचेगा, लेकिन ओलों ने तो फसल ही बर्बाद कर दी," एक स्थानीय किसान ने नम आँखों से अपनी व्यथा सुनाई।
तेज हवाओं का तांडव, टूटे पेड़ों के अवशेष
बारिश के साथ चली तेज हवाओं (करीब 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार) ने शहर के कई हिस्सों में जनजीवन को प्रभावित किया। झज्जर रोड और लाइनपार इलाके में कुछ पुराने पेड़ों की टहनियां टूटकर बिजली की तारों पर गिर गईं, जिससे कई घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। हालांकि, गनीमत यह रही कि किसी बड़े जान-माल के नुकसान की खबर अब तक सामने नहीं आई है।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के चलते हरियाणा के कई जिलों में इस तरह के 'लोकल वेदर सिस्टम' बन रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दो दिनों तक बादल छाए रह सकते हैं और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी की संभावना बनी रहेगी। प्रशासन ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी तैयार फसलों और सब्जियों को सुरक्षित स्थान पर रखें और मौसम की पल-पल की जानकारी लेते रहें।