Search

जेवर एयरपोर्ट एक्सप्रेस-वे पर बड़ा हादसा: निर्माण के दौरान पलटी विशाल क्रेन, इंजीनियर समेत 3 की मौत

Jun 05, 2026 10:38 AM

फरीदाबाद: नोएडा में बन रहे जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जोड़ने वाले महत्वाकांक्षी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य के दौरान गुरुवार को एक बड़ा रिस्क फैक्टर सामने आया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोपहर के वक्त क्षेत्र में तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश हुई थी, जिसके चलते निर्माण स्थल पर चारों तरफ कीचड़ फैल गई और भारी वाहनों के लिए फिसलन काफी बढ़ गई थी। बारिश थमने के कुछ ही देर बाद साइट पर काम दोबारा शुरू किया गया।

फ्लाईओवर पर कंक्रीट का भारी-भरकम गार्डर रखने के लिए जैसे ही विशालकाय हाइड्रा क्रेन ने वजन उठाया, कीचड़ में ग्रिप ढीली होने या तकनीकी असंतुलन के कारण क्रेन का बैलेंस पूरी तरह बिगड़ गया। देखते ही देखते गगनचुंबी क्रेन भरभराकर पास ही बने एक लोहे के अस्थाई कंटेनर (केबिन) पर जा गिरी।

मलबे में तब्दील हुआ कंटेनर, तीन की मौके पर ही थमी सांसें

हादसे के वक्त क्रेन और कंटेनर के आसपास छह से सात इंजीनियर और मजदूर काम कर रहे थे। क्रेन के गिरते ही वहां भगदड़ मच गई, लेकिन चार लोग इसकी चपेट में आने से नहीं बच सके और कंटेनर के भीतर ही मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही बल्लभगढ़ के पुलिस उपायुक्त (DCP) प्रतीक और दमकल विभाग की टीमें भारी अमले के साथ मौके पर पहुँचीं।

पुलिस ने स्थानीय प्रशासन की मदद से निर्माण कंपनी की ही दूसरी बड़ी मशीनों को काम पर लगाया और क्रेन को सीधा कर दबे हुए लोगों को बाहर निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कई घंटों की मशक्कत के बाद देर शाम मलबे से चार लोगों को निकाला गया, जिनमें से तीन को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान पंजाब के रहने वाले साइट इंजीनियर सत्तार और राजस्थान के निवासी मजदूर मनीष के रूप में हुई है, जबकि तीसरे मृतक की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं। मलबे से जिंदा निकाले गए एकमात्र मजदूर को गंभीर हालत में नजदीकी निजी अस्पताल में वेंटिलेटर पर रखा गया है।

प्रशासनिक हलकों में हड़कंप, सीएमओ तक पहुँची रिपोर्ट

प्रोजेक्ट साइट पर हुए इस बड़े हादसे के बाद जिला प्रशासन और निर्माण एजेंसी के दावों पर सवाल उठने लगे हैं। फरीदाबाद के उपायुक्त (DC) आयुष सिन्हा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए हादसे के तकनीकी और सुरक्षात्मक कारणों की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। शुरुआती जांच रिपोर्ट बनाकर मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को भी भेज दी गई है।

डीसीपी प्रतीक ने मीडिया को बताया कि पहली प्राथमिकता राहत कार्य पूरा करने की थी। अब पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि क्या बारिश और कीचड़ के बावजूद बिना पुख्ता सुरक्षा मानकों के जबरन काम कराया जा रहा था? जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि निर्माण कंपनी या ठेकेदार की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

You may also like:

Please Login to comment in the post!