फरीदकोट पुलिस ने हरियाणा पुलिस के एक नकली एसआई को गिरफ्तार किया, चेकपॉइंट पर पुलिसवालों को कुचलने की कोशिश की
Mar 07, 2026 4:51 PM
फरीदकोट: आईपीएस, एसएसपी डॉ. प्रज्ञा जैन के नेतृत्व में फरीदकोट पुलिस ने असामाजिक तत्वों के खिलाफ अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है जो खुद को हरियाणा पुलिस का सब-इंस्पेक्टर बताकर लोगों को गुमराह कर रहा था।
चेकपॉइंट पर पुलिस से झगड़ा हुआ, भागने की कोशिश की
जानकारी देते हुए एसपी (इन्वेस्टिगेशन) श्री जोगेश्वर सिंह ने बताया कि 6 मार्च को असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर रवि कांत की टीम गांव टेहना के हाई-टेक चेकपॉइंट पर मौजूद थी। इसी दौरान एक टोयोटा अर्बन क्रूजर कार को रुकने का इशारा किया गया। रुकने के बजाय कार चालक ने खुद को हाईकोर्ट जज का स्टाफ बताया। पुलिस ने जब सख्ती से उसका लाइसेंस मांगा तो उसने हरियाणा पुलिस एसआई का आई-कार्ड दिखाया। पुलिस ने जब उससे पूछताछ की तो वह बहस करने लगा और जान से मारने के इरादे से कर्मचारियों पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की और मौके से भाग गया।
आरोपी को घेरकर बीर चहल से गिरफ्तार किया गया
घटना के तुरंत बाद पूरे जिले में नाकाबंदी कर दी गई। असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर राज सिंह की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को बीर चहल इलाके से गाड़ी समेत गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गुरमंगत सिंह, बेटे बलदेव सिंह, गांव रत्ताखेड़ा (फतियाबाद, हरियाणा) के रूप में हुई है।
वी.आई.पी. स्टिकर का इस्तेमाल
जांच के दौरान पता चला कि आरोपी ने अपनी पर्सनल गाड़ी पर हाई कोर्ट के जज के नकली स्टिकर और नीली-लाल फ्लैशर लाइटें लगाई हुई थीं ताकि कोई उसे रोक न सके। पुलिस ने उसके पास से हरियाणा पुलिस के कई और नकली आईडी कार्ड भी बरामद किए हैं।
सख्त धाराओं के तहत केस दर्ज
आरोपी के खिलाफ फरीदकोट के सदर पुलिस स्टेशन में केस नंबर 62 के तहत बीएनएस की धारा 109, 132, 221, 336(2), 336(3), 340(2) के तहत केस दर्ज किया गया है। एसपी ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है ताकि पता लगाया जा सके कि इस धोखाधड़ी में और कौन-कौन शामिल है और आरोपी ने अब तक कितने लोगों को शिकार बनाया है।