Breaking: लुधियाना में रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार एसएचओ, महिला की शिकायत पर विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई
Apr 21, 2026 4:38 PM
लुधियाना: पंजाब के लुधियाना में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए विजिलेंस ब्यूरो ने थाना डिवीजन नंबर 4 के SHO इंस्पेक्टर गुरजीत सिंह को मंगलवार को 30,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अधिकारी पर आरोप है कि उसने एक महिला के बेटे का सोने का आभूषण और चांदी का ब्रेसलेट वापस करने के बदले 35,000 रुपये की मांग की थी। विजिलेंस टीम ने शिकायत के आधार पर जाल बिछाकर यह कार्रवाई की। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है।
महिला की शिकायत से खुला मामला
विजिलेंस ब्यूरो के एसएसपी वरिंदर सिंह बराड़ ने बताया कि शिकायतकर्ता वीनू, निवासी नूरवाला रोड, ने विभाग को शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि उनके बेटे शुभम को 17 अप्रैल को थाना डिवीजन नंबर 4 की पुलिस ने एक मामले में गिरफ्तार किया था। जब वह थाने में उससे मिलने गईं, तो बेटे ने बताया कि पुलिस ने उसकी सोने की अंगूठी और चांदी का ब्रेसलेट अपने पास रख लिया है।
SHO ने मांगे 35 हजार रुपये
शिकायत के अनुसार जब वीनू ने SHO गुरजीत सिंह से अपने बेटे का सामान वापस मांगा, तो उन्होंने 35,000 रुपये की मांग की। 20 अप्रैल की शाम जब वह अपने पति के साथ SHO से मिलने पहुंचीं और 10,000 रुपये देने की बात कही, तो आरोपी ने पैसे लेने से मना कर दिया। उसने स्पष्ट कहा कि तय रकम 35 हजार रुपये ही देनी होगी, तभी सामान लौटाया जाएगा।
मोबाइल रिकॉर्डिंग बनी अहम सबूत
शिकायतकर्ता ने सूझबूझ दिखाते हुए SHO के साथ हुई पूरी बातचीत को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। यही रिकॉर्डिंग बाद में विजिलेंस जांच का मुख्य आधार बनी। इसके बाद महिला ने पूरी जानकारी के साथ विजिलेंस ब्यूरो में शिकायत दर्ज करवाई, जिसके बाद टीम ने ट्रैप लगाने की योजना बनाई।
ट्रैप के दौरान रंगे हाथों गिरफ्तारी
मंगलवार को विजिलेंस टीम ने सरकारी गवाहों की मौजूदगी में जाल बिछाया। जैसे ही इंस्पेक्टर गुरजीत सिंह ने शिकायतकर्ता से 30,000 रुपये की रिश्वत ली, टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। यह पूरी कार्रवाई योजना के तहत की गई और सबूतों के साथ आरोपी को दबोचा गया।
विजिलेंस टीम और केस दर्ज
इस ऑपरेशन को इंस्पेक्टर कुलवंत सिंह के नेतृत्व में अंजाम दिया गया, जिसमें एसआई अनिल कुमार और अन्य कर्मचारी शामिल थे। आरोपी इंस्पेक्टर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत थाना विजिलेंस ब्यूरो, लुधियाना में मुकदमा नंबर 08 दर्ज किया गया है।
आगे की जांच जारी
विजिलेंस ब्यूरो ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। विभाग का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।