Punjab News: अमृतसर में ड्रग्स तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, 60 करोड़ की हेरोइन के साथ 5 तस्कर गिरफ्तार
Apr 21, 2026 3:32 PMअमृतसर: पंजाब के अमृतसर में कमिश्नरेट पुलिस ने मंगलवार को एक बड़े ड्रग्स तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 5 तस्करों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 7.050 किलोग्राम हेरोइन बरामद की। बरामद ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 60 करोड़ रुपए आंकी जा रही है। पुलिस कमिश्नर इस मामले में विस्तृत जानकारी देने के लिए दोपहर बाद प्रेसवार्ता करने वाले हैं। शुरुआती जांच में इस नेटवर्क के तार पाकिस्तान से जुड़े होने की बात सामने आई है।
पाकिस्तान कनेक्शन आया सामने
पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में गिरफ्तार आरोपी पाकिस्तान में बैठे एक तस्कर के संपर्क में थे। वही तस्कर इन आरोपियों को निर्देश देकर पंजाब में नशीले पदार्थों की सप्लाई करवा रहा था। यह गिरोह सीमा पार से ड्रग्स मंगवाकर स्थानीय स्तर पर वितरण करता था, जिससे युवाओं को निशाना बनाया जा रहा था।
सीमा पार से हो रही थी सप्लाई
जांच एजेंसियों के अनुसार यह नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित हो रहा था। सीमा पार से हेरोइन की तस्करी कर पंजाब के अलग-अलग इलाकों में सप्लाई की जा रही थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है और यह ड्रग्स किन-किन क्षेत्रों तक पहुंचाई जा रही थी।
दो थानों में दर्ज हुई FIR
इस मामले में अमृतसर के थाना छेहरटा और थाना कैंटोनमेंट में एनडीपीएस एक्ट के तहत दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके मोबाइल व अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। इससे पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है।
नशामुक्त पंजाब के लिए अभियान तेज
डीजीपी ने कहा कि राज्य को नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है। लगातार चलाए जा रहे अभियानों के तहत ड्रग्स तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस तरह के ऑपरेशन का उद्देश्य युवाओं को नशे से बचाना और समाज को सुरक्षित बनाना है।
‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान जारी
पंजाब सरकार द्वारा चलाया जा रहा ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान भी इस दिशा में अहम भूमिका निभा रहा है। हाल ही में इस अभियान का दूसरा चरण शुरू किया गया है, जिसके तहत राज्य के हर जिले में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सरकार का मानना है कि यह अभियान नशे के खिलाफ जन आंदोलन का रूप ले सकता है और इसमें युवाओं की भागीदारी अहम है।