Breaking: चंडीगढ़ के PU हॉस्टल में तीसरी मंजिल से गिरा छात्र, हादसे की जांच में जुटी पुलिस, CCTV खंगाले जा रहे
Apr 21, 2026 1:37 PM
चंडीगढ़: चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी के हॉस्टल नंबर-6 में एक छात्र तीसरी मंजिल से गिर गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद छात्र को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसके दोनों पैरों में फ्रैक्चर की पुष्टि की है। छात्र की पहचान नसीब सिंह के रूप में हुई है, जो बीए का छात्र है और फिरोजपुर का निवासी है। यह घटना उस समय हुई जब वह खाना खाने के बाद हॉस्टल की बालकनी में खड़ा था। पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं।
बालकनी में खड़े होने के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, नसीब सिंह खाना खाने के बाद अपने कमरे के बाहर बालकनी में खड़ा था। इसी दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिर गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उसे चक्कर आने की वजह से यह हादसा हुआ। घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास मौजूद छात्र कुछ समझ ही नहीं पाए और तुरंत उसकी मदद के लिए दौड़े।
साथियों ने तुरंत पहुंचाया अस्पताल
हादसे के बाद छात्रों ने बिना समय गंवाए नसीब सिंह को उठाकर इलाज के लिए पीजीआई चंडीगढ़ पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने तुरंत उसका उपचार शुरू किया। डॉक्टरों के अनुसार, उसके दोनों पैरों में फ्रैक्चर हुआ है, लेकिन कोई गंभीर अंदरूनी चोट नहीं पाई गई है। समय पर अस्पताल पहुंचाने के कारण उसकी स्थिति अब स्थिर बनी हुई है।
पुलिस कर रही जांच
घटना की सूचना मिलते ही सेक्टर-11 थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस हॉस्टल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है, ताकि घटना के सही कारणों का पता लगाया जा सके। प्रारंभिक जांच में इसे हादसा माना जा रहा है, लेकिन पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है।
छात्रों में फैली चिंता
इस घटना के बाद हॉस्टल में रहने वाले छात्रों में चिंता का माहौल है। अचानक हुई इस घटना ने सभी को चौंका दिया है। छात्र आपस में घटना को लेकर चर्चा कर रहे हैं और सुरक्षा को लेकर सवाल भी उठा रहे हैं।
पीयू प्रशासन ने दिए निर्देश
घटना के बाद पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन भी सतर्क हो गया है। प्रशासन ने कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि हॉस्टल और अन्य इमारतों के सभी फ्लोर की जांच की जाए। छतों और बालकनी की स्थिति का निरीक्षण करने को कहा गया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। इसके साथ ही सभी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।