फरीदकोट/सादिक: खेती और किसानों से जुड़ी मौजूदा समस्याओं और सरकारों की कथित 'किसान विरोधी' नीतियों के खिलाफ आज फरीदकोट के सादिक क्षेत्र में किसानों का जबरदस्त रोष देखने को मिला। अलग-अलग गांवों से जुटे सैंकड़ों किसानों ने न केवल केंद्र और राज्य सरकारों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, बल्कि विरोध स्वरूप पुतले जलाकर अपना आक्रोश भी प्रकट किया।


वरिष्ठ नेतृत्व में एकजुट हुए किसान

इस विशाल प्रदर्शन का नेतृत्व सीनियर वाइस प्रेसिडेंट लवप्रीत सिंह चक साहू, वाइस प्रेसिडेंट सरताज सिंह जंडवाला और ब्लॉक खजांची स्वर्ण सिंह डोड ने संयुक्त रूप से किया। सभा को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि सरकार की नीतियां किसानों को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचा रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी जायज मांगें पूरी नहीं होतीं, किसानों का यह संघर्ष और तेज होगा।


विभिन्न इकाइयों की सक्रिय भागीदारी

प्रदर्शन में क्षेत्र की विभिन्न यूनिट्स ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान मुख्य रूप से उपस्थित रहे नेताओं में जगतार सिंह और महिंदर सिंह (शेर सिंह वाला), गुरप्रीत सिंह (अध्यक्ष, सादिक यूनिट), मनप्रीत सिंह (अध्यक्ष, मुमारा यूनिट) शामिल रहे। इसके अलावा, जबरजंग सिंह पिंडी बलोचा, गमदूर सिंह आहिल, गुज्जर सिंह कौनी, पूर्व सरपंच राजविंदर सिंह कौनी, हरनेक सिंह मिद्दुमन, सुखदेव सिंह मचाकी कलां, बंटी रमाना चेत सिंह वाला और लखबीर सिंह बीलेवाला जैसे गणमान्य व्यक्तियों ने अपने साथियों के साथ शिरकत की।


बीमारी के बावजूद एकता की मिसाल

इस विरोध प्रदर्शन की सबसे खास बात पूर्व ब्लॉक प्रेसिडेंट सरदार हरजिंदर सिंह की उपस्थिति रही। पिछले काफी समय से अस्वस्थ चल रहे सरदार चो ने अपनी शारीरिक सीमाओं के बावजूद धरने में पहुंचकर किसानों का उत्साह बढ़ाया। उनके इस कदम को किसान एकता की एक बड़ी मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।


भाषणों से भरी हुंकार

मौजूद वक्ताओं ने देश के मौजूदा घटनाक्रमों और कृषि क्षेत्र की चुनौतियों पर बेहद प्रभावशाली भाषण दिए। उन्होंने किसानों को जागरूक करते हुए कहा कि आज के समय में अपनी जमीन और हक बचाने के लिए एकजुटता ही एकमात्र रास्ता है। प्रदर्शन के अंत में भारी नारेबाजी के बीच सरकारों के पुतले जलाए गए, जिससे क्षेत्र में किसानों के भारी असंतोष का संदेश गया।

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