Punjab News: गुरदासपुर में आवारा कुत्ते का कहर, 4 वर्षीय बच्चे पर जानलेवा हमला, चेहरे पर लगे कई टांके
Jun 05, 2026 2:48 PM
गुरदासपुर: पंजाब के गुरदासपुर जिले के गांव वरसोला में आवारा कुत्तों की समस्या एक बार फिर चिंता का विषय बन गई है। गांव में घर के बाहर खेल रहे एक 4 वर्षीय बच्चे पर आवारा कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया, जिससे बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना दोपहर के समय हुई जब बच्चे के घर मेहमान आए हुए थे और वह अन्य बच्चों के साथ मुख्य गेट के बाहर खड़ी स्कूटी के पास खेल रहा था। हमले के बाद परिजनों ने उसे तुरंत सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया।
पीड़ित बच्चे की मां कंचन और पिता रणजीत सिंह के अनुसार घटना उस समय हुई जब परिवार के सदस्य घर के अंदर मेहमानों के साथ व्यस्त थे। बच्चे गली में खेल रहे थे और इसी दौरान एक आवारा कुत्ता अचानक वहां पहुंच गया। किसी को संभलने का मौका नहीं मिला और कुत्ते ने सीधे बच्चे पर हमला कर दिया। परिजनों ने बताया कि कुत्ते ने बच्चे के चेहरे को अपने जबड़ों में जकड़ लिया। अचानक हुए इस हमले से आसपास मौजूद बच्चे घबरा गए और उन्होंने शोर मचाना शुरू कर दिया।
बच्चों के शोर मचाने पर पहुंचे परिजन
गली में खेल रहे अन्य बच्चों की चीख-पुकार सुनकर परिवार के सदस्य तुरंत बाहर पहुंचे। जब तक परिजन मौके पर पहुंचे, बच्चा गंभीर रूप से घायल हो चुका था। उसके चेहरे से लगातार खून बह रहा था और वह दर्द से कराह रहा था। परिजनों ने बिना देर किए बच्चे को अस्पताल पहुंचाया। गांव के लोगों ने भी इस घटना पर चिंता जताई और कहा कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे ऐसे हादसों का खतरा बना रहता है।
सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने बच्चे की जांच के बाद बताया कि कुत्ते के हमले से उसके चेहरे और आंख के पास गहरे जख्म हुए हैं। बच्चे की हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे बेहोश कर उपचार किया और कई टांके लगाए। डॉक्टरों ने संक्रमण और रेबीज के खतरे को देखते हुए आवश्यक दवाएं और एंटी-रेबीज इंजेक्शन भी दिए। चिकित्सा टीम लगातार बच्चे की स्थिति पर नजर रखे हुए है।
आंख सुरक्षित, लेकिन घाव गंभीर
आंखों के विशेषज्ञ डॉक्टरों के अनुसार राहत की बात यह है कि बच्चे की आंख का अंदरूनी हिस्सा सुरक्षित है। हालांकि चेहरे पर लगे घाव काफी गहरे हैं और उन्हें भरने में समय लग सकता है। परिजनों ने बताया कि चोट और दर्द के कारण बच्चा सामान्य भोजन नहीं कर पा रहा है। फिलहाल वह केवल जूस और अन्य तरल पदार्थ ही ले रहा है। डॉक्टरों ने भी उसे कुछ समय तक विशेष देखभाल में रखने की सलाह दी है।
घटना के बाद गांव वरसोला में डर और चिंता का माहौल है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चे अब घरों से बाहर निकलने में डर महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा कुत्तों की समस्या पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए। पीड़ित परिवार का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में और भी बच्चे ऐसे हादसों का शिकार हो सकते हैं। ग्रामीणों ने आवारा कुत्तों को नियंत्रित करने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थायी समाधान की मांग की है।