Gurugram News: सिक्योरिटी ऑफिसर ने पत्नी और जवान बेटे को गोलियों से भूना, लाश के पास बैठा मिला कातिल
Jun 07, 2026 11:39 AM
गुरुग्राम। साइबर सिटी गुरुग्राम का अशोक विहार इलाका शनिवार की देर रात गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, देर रात अनिल नामक व्यक्ति के घर से अचानक चीखने-चिल्लाने और फिर एक के बाद एक दो से तीन राउंड फायर होने की आवाजें आईं। अनहोनी की आशंका में जब तक पड़ोसी भागकर अनिल के घर पहुंचे, तब तक अंदर का नजारा खौफनाक हो चुका था। अनिल की पत्नी आशा और उनका इकलौता बेटा प्रशांत कमरे के फर्श पर खून से लथपथ पड़े थे और दोनों की सांसें थम चुकी थीं।
बहस से शुरू हुआ विवाद और खिंच गई पिस्टल
पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में जो कहानी निकलकर सामने आ रही है, वह बेहद चौंकाने वाली है। अनिल एक निजी कंपनी में सिक्योरिटी ऑफिसर के पद पर तैनात था, जबकि उसकी पत्नी आशा (45) एक प्राइवेट स्कूल में बतौर प्रिंसिपल कार्यरत थीं। पढ़े-लिखे और सभ्य दिखने वाले इस परिवार में पिछले कुछ समय से सब कुछ ठीक नहीं चल रहा था। शनिवार की रात को भी किसी घरेलू बात को लेकर पति-पत्नी के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों एक-दूसरे पर चिल्लाने लगे।
मां को बचाने दौड़े बेटे को भी पिता ने नहीं बख्शा
जिस वक्त यह पूरा ड्रामा चल रहा था, उनका 25 साल का बेटा प्रशांत बगल के ही कमरे में सो रहा था। माता-पिता के झगड़े की तेज आवाजें सुनकर उसकी आंख खुल गई। प्रशांत तुरंत उस कमरे में पहुंचा और अपने पिता अनिल को शांत कराने की कोशिश करने लगा। उसने जब पिता से मां पर न चिल्लाने और विवाद खत्म करने को कहा, तो अनिल का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। गुस्से में पूरी तरह अंधा हो चुके अनिल ने अपनी कमर से लाइसेंसी पिस्टल निकाली और अपनी पत्नी व बेटे पर सीधे फायर झोंक दिए। दोनों को बेहद करीब से गोली लगी, जिससे मौके पर ही तड़प-तड़पकर उनकी मौत हो गई।
लाशों के पास गुमसुम बैठा रहा कातिल, पुलिस ने किया काबू
इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी अनिल के सिर से खून का उबाल उतरा तो वह सुध-बुध खो बैठा। वह मौके से फरार होने के बजाय अपनी पत्नी और बेटे की खून से सनी लाशों के पास ही फर्श पर गुमसुम बैठ गया। सूचना मिलते ही सेक्टर-5 थाना पुलिस और फॉरेंसिक की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने जब घर के भीतर प्रवेश किया तो आरोपी अनिल वहीं बैठा मिला, जिसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें आधिकारिक तौर पर मृत घोषित कर दिया।
पीटीआई टीचर से सिक्योरिटी ऑफिसर बना था अनिल
जांच में यह बात भी सामने आई है कि अनिल पहले स्कूलों में बच्चों को खेलकूद की ट्रेनिंग देने वाला फिजिकल एजुकेशन (PTI) टीचर हुआ करता था। कई सालों तक इस प्रोफेशन में रहने के बाद उसने यह काम छोड़ दिया और एक कंपनी में सुरक्षा अधिकारी की नौकरी कर ली थी। सेक्टर-5 थाना के एसएचओ सत्यवान ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि कंट्रोल रूम से मिली सूचना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। फॉरेंसिक टीम ने मौके से गोलियों के खोखे और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाकर पूरे घर को सील कर दिया है। परिजनों के बयान लिए जा रहे हैं और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा कि दोनों को कितनी गोलियां मारी गईं।