गुरुग्राम में जाम का 'दी एंड': 755 करोड़ के प्रोजेक्ट से सिग्नल-फ्री होगा द्वारका-गुरुग्राम का सफर
Mar 12, 2026 5:00 PM
गुरुग्राम। साइबर सिटी गुरुग्राम की सड़कों पर घंटों तक पहियों के थमने का दौर अब खत्म होने की ओर है। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) ने शहर की सबसे बड़ी समस्या 'ट्रैफिक जाम' पर सीधा प्रहार करते हुए सदर्न पेरिफेरल रोड (SPR) के कायाकल्प की तैयारी कर ली है। दिल्ली-जयपुर हाईवे (NH-48) से वाटिका चौक तक बनने वाला यह नया एलिवेटेड कॉरिडोर न केवल दूरी घटाएगा, बल्कि वाहन चालकों को लाल बत्ती के झंझट से भी पूरी तरह मुक्त कर देगा। GMDA ने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के निर्माण और संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिस पर करीब 755 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
8-लेन का एलिवेटेड ढांचा और सर्विस रोड: आधुनिक इंजीनियरिंग का नमूना
इस प्रोजेक्ट की बारीकियों पर नजर डालें तो वाटिका चौक से हाईवे के बीच करीब 4.2 किलोमीटर का हिस्सा पूरी तरह सिग्नल-फ्री होगा। यहाँ चार-चार लेन का मुख्य एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा। जमीन पर चलने वाले ट्रैफिक के लिए भी खास इंतजाम हैं; सड़क के दोनों तरफ तीन-तीन लेन की मुख्य सर्विस रोड और दो-दो लेन की सेकेंडरी सर्विस लेन विकसित की जाएगी। GMDA के अधिकारियों का कहना है कि इस डिजाइन से लोकल ट्रैफिक और लंबी दूरी के वाहनों के बीच कोई टकराव नहीं होगा। प्रमुख जंक्शनों पर दो लेन के 'अप और डाउन रैंप' दिए जाएंगे ताकि हाईवे पर चढ़ना और उतरना सुरक्षित और व्यवस्थित हो सके।
राजीव चौक के जाम से मुक्ति: द्वारका से फरीदाबाद जाना होगा आसान
वर्तमान में द्वारका एक्सप्रेसवे या जयपुर की तरफ से आने वाले वाहनों को सोहना और फरीदाबाद जाने के लिए राजीव चौक या सुभाष चौक जैसे बिजी चौराहों की लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है। नया कॉरिडोर इन व्यस्त चौराहों के लिए एक बेहतरीन वैकल्पिक रास्ता साबित होगा। प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में वाटिका चौक पर एक आधुनिक इंटरचेंज बनेगा, जो सीधे तौर पर सोहना रोड, द्वारका एक्सप्रेसवे और NH-48 को आपस में जोड़ देगा। इससे न केवल फ्यूल की बचत होगी, बल्कि दिल्ली से सटे सेक्टरों के निवासियों को हाईवे तक पहुँचने के लिए गलियों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
ढाई साल का लक्ष्य: बदल जाएगी दिल्ली-NCR की रफ्तार
प्रशासन ने इस पूरे कॉरिडोर को 30 महीने यानी ढाई साल के भीतर पूरा करने का समय तय किया है। NH-48 पर प्रस्तावित इंटरचेंज इस प्रोजेक्ट की रीढ़ होगा, जो राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के साथ निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा। जानकारों का मानना है कि इस एलिवेटेड रोड के शुरू होने के बाद गुरुग्राम के आंतरिक सेक्टरों में ट्रैफिक का दबाव 40 फीसदी तक कम हो सकता है। यह कॉरिडोर न केवल एक सड़क है, बल्कि गुरुग्राम के विस्तार और कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला एक बड़ा इन्फ्रास्ट्रक्चर कदम है।