गुरुग्राम हथियार सप्लाई करने वाले दो सप्लायर गिरफ्तार, 6 साल पुरानी रंजिश का था मामला
May 10, 2026 2:12 PM
गुरुग्राम। गुरुग्राम के कासन गांव में 30 अप्रैल की सुबह जो गोलियां गूंजी थीं, उसकी पटकथा करीब 6 साल पहले ही लिखी जा चुकी थी। पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह कोई मामूली विवाद नहीं, बल्कि 'खून के बदले खून' की खौफनाक दास्तान है। मृतक 55 वर्षीय सुंदर साल 2018 में मुख्य आरोपी कार्तिक के पिता बहादुर की हत्या का दोषी था और उम्रकैद की सजा काट रहा था। हाल ही में वह अपनी बेटी की शादी के लिए जेल से पैरोल पर बाहर आया था, लेकिन उसे अंदाजा नहीं था कि मौत उसका बाहर ही इंतजार कर रही है।
चबूतरे पर सरेआम बरसीं गोलियां
वारदात वाले दिन सुंदर गांव के मोनी बाबा चबूतरे पर ग्रामीणों के साथ बैठा था। तभी बाइक सवार रोहन और गुलशन वहां पहुंचे और बिना संभलने का मौका दिए सुंदर पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका दहल उठा। मौके पर मौजूद लोग जब तक कुछ समझ पाते और मदद के लिए दौड़ते, आरोपी अपने हथियार वहीं छोड़कर फरार हो चुके थे। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने सुंदर को मृत घोषित कर दिया।
हथियार सप्लायरों तक पहुँची क्राइम ब्रांच की टीम
सेक्टर-10 क्राइम ब्रांच ने इस मामले की गुत्थी सुलझाते हुए पहले मुख्य आरोपियों—गुलशन उर्फ गुल्लू और कार्तिक चौहान उर्फ छोटा रोहन को गिरफ्तार किया था। उनसे हुई गहन पूछताछ के बाद पुलिस उन चेहरों तक पहुँची जिन्होंने इस वारदात के लिए मौत का सामान यानी अवैध कट्टा और पिस्तौल उपलब्ध कराई थी। 8 मई को पुलिस ने खांडसा निवासी हंस राघव और आशू राघव को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, इन दोनों ने ही रंजिश को अंजाम देने के लिए शूटरों को हथियार दिए थे।
पुलिस की कार्रवाई: रिमांड पर लिए गए आरोपी
सेक्टर-7 आईएमटी मानेसर थाना पुलिस ने मृतक की पत्नी की शिकायत पर हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने घटनास्थल से वारदात में इस्तेमाल एक देसी कट्टा और एक पिस्तौल बरामद की थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार किए गए दोनों हथियार सप्लायरों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे अवैध हथियारों के इस धंधे में और किन लोगों के साथ जुड़े हुए हैं। इस गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने कासन गांव में बढ़ते तनाव को कम करने और रंजिश के इस चक्र को तोड़ने की कोशिश की है।