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गुरुग्राम में मेट्रीमोनियल साइट के जरिए 'गंदा खेल': युवती से रेप के बाद 20 लाख की ठगी

Mar 28, 2026 12:45 PM

गुरुग्राम। गुरुग्राम के पॉश इलाके डीएलएफ फेज-3 से रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक वारदात सामने आई है। फरीदाबाद की रहने वाली एक युवती, जो मेट्रीमोनियल साइट पर अपने लिए जीवनसाथी तलाश रही थी, एक शातिर ठग के जाल में फंस गई। पीड़िता का आरोप है कि साल 2024 में उसकी मुलाकात जयपुर निवासी अक्षय भट्ट से हुई। बातचीत का सिलसिला बढ़ा तो अक्षय ने उसे शादी का सपना दिखाया और मिलने के लिए गुरुग्राम बुलाया। 4 सितंबर 2024 को आरोपी उसे यू-ब्लॉक स्थित एक ठिकाने पर ले गया, जहां शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया।

लोन के नाम पर 'लूट': दोस्त के साथ मिलकर रची साजिश

हैरानी की बात यह है कि आरोपी का इरादा सिर्फ शारीरिक शोषण तक सीमित नहीं था। उसने अपनी इस 'दोस्ती' का इस्तेमाल आर्थिक लाभ के लिए भी किया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि अक्षय ने अपने नोएडा स्थित दोस्त अविनाश राजपूत के साथ मिलकर एक सोची-समझी साजिश रची। विश्वास में लेकर आरोपियों ने पीड़िता के ही नाम पर 20 लाख रुपये का लोन स्वीकृत करवा लिया। लोन की यह मोटी रकम आरोपियों ने अपने निजी इस्तेमाल में ले ली। जब पीड़िता को अहसास हुआ कि उसके साथ धोखा हुआ है और उसने पैसे वापस मांगे, तो अक्षय ने उससे दूरी बनानी शुरू कर दी और अंततः शादी करने से भी साफ इनकार कर दिया।

पुलिस की कार्रवाई: बीएनएस की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज

मामला तब और बिगड़ गया जब पीड़िता ने अपने पैसे और सम्मान की लड़ाई लड़ने की कोशिश की। आरोप है कि पैसे मांगने पर अक्षय और उसके दोस्त ने उसे अंजाम भुगतने और जान से मारने की धमकियां दीं। थक-हारकर पीड़िता ने डीएलएफ फेज-3 थाना पुलिस का दरवाजा खटखटाया। थाना प्रभारी के मुताबिक, पीड़िता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 (शादी का झांसा देकर दुष्कर्म), 318(4), 316(2), 351(2) और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

आरोपियों की तलाश तेज, मजिस्ट्रेट के सामने होंगे बयान

पुलिस फिलहाल बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल सबूतों को खंगाल रही है ताकि लोन की राशि के हेरफेर को साबित किया जा सके। डीएलएफ फेज-3 थाना प्रभारी ने बताया कि जल्द ही पीड़िता के बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष (धारा 164 के तहत) दर्ज कराए जाएंगे। पुलिस की टीमें जयपुर और नोएडा में आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। साइबर सिटी में आए दिन मेट्रीमोनियल साइट्स के जरिए होने वाली ऐसी वारदातों ने एक बार फिर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर अनजान लोगों पर भरोसा करने के खतरों को उजागर कर दिया है।

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