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गुरुग्राम नगर निगम की बड़ी स्ट्राइक: गंदगी फैलाने वालों से वसूले 1.77 करोड़, अब घर-घर होगी निगरानी

Mar 25, 2026 11:03 AM

गुरुग्राम। साइबर सिटी गुरुग्राम की चमक-धमक को बनाए रखने के लिए नगर निगम ने अब 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपना ली है। मंगलवार को हुई स्वच्छता समीक्षा बैठक में निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने दोटूक शब्दों में कहा कि अब कागजों पर सफाई नहीं चलेगी। उन्होंने कड़ा आदेश जारी किया है कि सभी अतिरिक्त निगमायुक्त और संयुक्त आयुक्त अब प्रतिदिन फील्ड में जाकर सफाई व्यवस्था का जायजा लेंगे। निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि अधिकारी केवल फाइलों तक सीमित न रहें, बल्कि सड़कों पर उतरकर जमीनी हकीकत देखें और समस्याओं का मौके पर ही निपटारा करें।

चालान का आंकड़ा देख दंग रह जाएंगे आप: 1.77 करोड़ की वसूली

शहर को गंदा करने वालों की जेब पर नगर निगम ने तगड़ी चोट की है। 24 मार्च 2025 से 24 मार्च 2026 के बीच के आंकड़े बताते हैं कि निगम ने नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले 9002 लोगों को रंगे हाथों पकड़कर उनके चालान काटे। इस कार्रवाई के जरिए सरकारी खजाने में 1.77 करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना जमा हुआ है। इसमें सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने से लेकर प्रतिबंधित पॉलीथीन का इस्तेमाल करने वाले तक शामिल हैं। कमिश्नर ने साफ कर दिया है कि यह तो बस शुरुआत है, आने वाले दिनों में यह अभियान और भी तेज होगा।

कचरे में आग लगाई या पानी बहाया, तो भरना होगा भारी जुर्माना

बैठक के दौरान उन श्रेणियों की भी पहचान की गई जहाँ सबसे ज्यादा उल्लंघन हो रहे हैं। इनमें खुले में कूड़ा जलाना, बल्क वेस्ट जनरेटर (बड़ी सोसायटियां और मॉल) द्वारा नियमों की अनदेखी, सेप्टेज वेस्ट को सड़कों पर डालना और सीएंडडी वेस्ट (मलबा) का अवैध निपटान मुख्य हैं। इसके अलावा, पानी का दुरुपयोग करने वालों और निर्माण कार्यों पर लगी रोक के बावजूद काम जारी रखने वालों पर भी भारी जुर्माना ठोका गया है। निगमायुक्त ने मुख्य सड़कों को डस्ट-फ्री और गारबेज-फ्री बनाने को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है।

जनभागीदारी के बिना अधूरी है सफाई की जंग

प्रदीप दहिया ने शहरवासियों से भी भावुक अपील करते हुए कहा कि बिना जनता के सहयोग के गुरुग्राम को सुंदर बनाना मुमकिन नहीं है। उन्होंने कहा कि नागरिक सड़कों को डस्टबिन न समझें और कचरा फैलाने से बचें। निगम प्रशासन का मानना है कि जब अधिकारी खुद सड़कों पर होंगे और नियमों को कड़ाई से लागू करेंगे, तभी लोगों में जागरूकता आएगी। बैठक में यह भी तय किया गया कि लापरवाही बरतने वाले सफाई निरीक्षकों और ठेकेदारों पर भी अब कार्रवाई की गाज गिरनी तय है।

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