खुशखबरी! 46 किमी लंबे गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी हाईवे की डेडलाइन तय, जानें 1000 करोड़ के प्रोजेक्ट की खासियत
Mar 26, 2026 5:45 PM
गुरुग्राम। एनसीआर के ट्रैफिक को नई दिशा देने की कवायद अब अपने अंजाम तक पहुंचने वाली है। गुरुग्राम से रेवाड़ी की दूरी नापने वाले मुसाफिरों के लिए अच्छी खबर यह है कि उन्हें अब पुराने पटौदी रोड के भीड़भाड़ वाले रास्तों से निजात मिलने वाली है। NHAI ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि नेशनल हाईवे 352-W का 90 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। 1,000 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार हो रहा यह 46 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर न केवल रेवाड़ी को गुरुग्राम से जोड़ेगा, बल्कि दिल्ली-जयपुर हाईवे (NH-48) पर लगने वाले भीषण जाम का एक बेहतर विकल्प भी बनेगा।
इंछापुरी ROB का पेंच सुलझा, अब दिन-रात चलेगा काम
इस प्रोजेक्ट की राह में सबसे बड़ा रोड़ा इंछापुरी के पास रेलवे लाइन के ऊपर बनने वाला ओवरब्रिज (ROB) था। लंबे समय से रेलवे की मंजूरी का इंतजार किया जा रहा था, जो पिछले हफ्ते खत्म हो गया। वर्तमान में यहां केवल दो लेन का पुराना ओवरब्रिज है, जिसके साथ अब एक नया टू-लेन ROB तैयार किया जाएगा। NHAI के अधिकारियों के मुताबिक, रेलवे से क्लीयरेंस मिलते ही इंजीनियरिंग टीमों को 4 महीने के भीतर काम पूरा करने का टारगेट दिया गया है।
द्वारका एक्सप्रेसवे से सीधा 'कनेक्शन': सेक्टर-84 में बन रहा है नया फ्लाईओवर
गुरुग्राम से रेवाड़ी की ओर जाने वाले वाहनों के लिए सबसे बड़ी सहूलियत सेक्टर-84 के पास तैयार हो रहा नया फ्लाईओवर होगा। यह फ्लाईओवर द्वारका एक्सप्रेसवे को सीधे इस नए हाईवे से जोड़ देगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि दिल्ली से आने वाले वाहनों को पटौदी रोड तक पहुंचने के लिए शहर के भीतर घुसकर यू-टर्न लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे सीधे द्वारका एक्सप्रेसवे से इस फ्लाईओवर के जरिए नए हाईवे पर चढ़ सकेंगे। NHAI का लक्ष्य है कि अगले तीन महीनों में इस फ्लाईओवर का काम भी मुकम्मल कर लिया जाए।
विकास को मिलेगी रफ्तार, कम होगा सफर का समय
25 फ्लाईओवर और अंडरपास से लैस यह हाईवे गुरुग्राम, पटौदी और रेवाड़ी के बीच की दूरियों को समय के पैमाने पर काफी कम कर देगा। जानकारों का मानना है कि इस हाईवे के शुरू होने से न केवल लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन की लागत घटेगी, बल्कि पटौदी और आसपास के इलाकों में रियल एस्टेट और औद्योगिक विकास को भी जबरदस्त बूस्ट मिलेगा। 31 जुलाई की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे दक्षिणी हरियाणा के लोगों में एक आधुनिक और बाधा रहित सफर की उम्मीदें परवान चढ़ रही हैं।