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Gurugram Crime Branch Action: गुरुग्राम में कंस्ट्रक्शन साइट्स पर पुलिस की बड़ी रेड, 13 बांग्लादेशी घुसपैठिए गिरफ्तार

Jun 16, 2026 11:37 AM

गुरुग्राम। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के प्रमुख औद्योगिक और रिहायशी हब गुरुग्राम में राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस ने एक बड़ा अभियान छेड़ा है। इसी कड़ी में गुरुग्राम पुलिस की अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) ने एक गुप्त सूचना के आधार पर अलग-अलग निर्माणाधीन इमारतों और झुग्गियों में औचक छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने अवैध रूप से भारत में रह रहे 13 बांग्लादेशी घुसपैठियों को रंगे हाथों दबोच लिया। सेक्टर-39 क्राइम ब्रांच की इस कामयाबी के बाद पुलिस प्रशासन ने मुस्तैदी बढ़ाते हुए पकड़े गए विदेशी नागरिकों के बारे में संबंधित दूतावास को सूचित कर दिया है और इन्हें वापस इनके देश भेजने (डिपोर्ट करने) की कानूनी कवायद शुरू हो गई है।

मजदूरी की आड़ में छिपे थे घुसपैठिए, कालियागंज बॉर्डर से भारत में मारी थी एंट्री

पुलिस की गिरफ्त में आए इन संदिग्धों से जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो घुसपैठ के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ। आरोपियों ने कबूल किया कि वे भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित कालियागंज बॉर्डर के रास्ते अवैध तरीके से भारतीय सीमा में दाखिल हुए थे। इस काम में बांग्लादेश के स्थानीय एजेंटों ने मोटी रकम लेकर उनकी मदद की थी। भारत आने के बाद पकड़े जाने के डर से इन लोगों ने गुरुग्राम की कंस्ट्रक्शन साइट्स को अपना ठिकाना बनाया और यहां आम मजदूरों का भेष बनाकर रहने लगे ताकि किसी को शक न हो। हालांकि, सघन चेकिंग के दौरान जब पुलिस ने इनसे भारतीय नागरिकता के सबूत मांगे, तो ये कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। तलाशी के दौरान इनके पास से बांग्लादेशी नागरिकता से जुड़े कागजात जरूर बरामद हुए हैं।

डीसीपी क्राइम की अगुवाई में आधी रात का सर्च ऑपरेशन, संदिग्धों पर पैनी नजर

मामले की गंभीरता को देखते हुए खुद डीसीपी क्राइम हितेश यादव इस पूरे ऑपरेशन की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। पुलिस प्रवक्ता एएसआई संदीप ने बताया कि साइबर सिटी में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और उनके दस्तावेजों के वेरिफिकेशन के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत सेक्टर-39 क्राइम ब्रांच की टीम ने शहर की संदिग्ध झुग्गी-झोपड़ियों और बड़ी निर्माण साइट्स को घेरकर तलाशी ली। डीसीपी क्राइम के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी तफ्तीश कर रही हैं कि इन्हें स्थानीय स्तर पर पनाह देने और काम पर रखने में किन लोगों की भूमिका रही है।

होटल, कॉलोनियां और किराए के मकान भी रडार पर; वेरिफिकेशन न कराने वालों पर गिरेगी गाज

गुरुग्राम पुलिस ने साफ कर दिया है कि यह अभियान महज कंस्ट्रक्शन साइट्स तक ही सीमित नहीं रहने वाला है। आने वाले दिनों में जिले के तमाम औद्योगिक क्षेत्रों, कॉलोनियों, होटलों, गेस्ट हाउस और किराए के मकानों में रहने वाले संदिग्ध लोगों के क्रेडेंशियल्स की जांच की जाएगी। पुलिस ने मकान मालिकों और ठेकेदारों को भी सख्त हिदायत दी है कि वे बिना उचित पुलिस वेरिफिकेशन के किसी भी अज्ञात व्यक्ति को शरण न दें। अगर जांच के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई या बिना वैध दस्तावेजों के किसी विदेशी नागरिक को काम पर रखा पाया गया, तो उनके खिलाफ भी सीधे तौर पर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।

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