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गुरुग्राम में आधी रात तबाही: झुग्गियों में आग से मचा हड़कंप, आसमान में दिखा धुएं का गुबार

Apr 15, 2026 10:48 AM

गुरुग्राम। गुरुग्राम के सेक्टर-37डी इलाके में बुधवार तड़के उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब यहां स्थित झुग्गियों में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और दर्जनों झुग्गियों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उनका गुबार कई किलोमीटर दूर से साफ देखा जा सकता था। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन राहत कार्य की शुरुआत में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, धुएं के कारण सांस लेना दूभर हो गया था और लोग अपनी जान बचाने के लिए बदहवास होकर सुरक्षित ठिकानों की ओर भागे।

हड़ताल का साया: रोडवेज ड्राइवरों के भरोसे बुझाई गई आग

इस बड़े अग्निकांड ने गुरुग्राम में अग्निशमन सेवाओं की मौजूदा स्थिति की पोल खोलकर रख दी है। प्रदेश भर में फायर विभाग के ठेका कर्मचारियों की हड़ताल चल रही है, जिसका असर सेक्टर-37डी में साफ देखने को मिला। मौके पर अनुभवी फायर कर्मियों की कमी के चलते प्रशासन को आपातकालीन स्थिति में हरियाणा रोडवेज के ड्राइवरों और सिविल डिफेंस के वालंटियर्स को बुलाना पड़ा। इन कच्चे हाथों के सहारे घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद लपटों पर काबू पाया जा सका। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह आग रिहायशी इमारतों या किसी फैक्ट्री में लगी होती, तो प्रशिक्षित कर्मचारियों की अनुपस्थिति में बड़ा हादसा हो सकता था।

राहत की बात: टल गई बड़ी अनहोनी

गनीमत यह रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई और न ही कोई गंभीर रूप से घायल हुआ। झुग्गियों में रहने वाले अधिकांश लोग आग भड़कते ही बाहर निकल आए थे। पुलिस और सिविल डिफेंस की टीमों ने तुरंत इलाके की घेराबंदी कर लोगों को घटनास्थल से दूर किया। फिलहाल आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन शुरुआती अंदेशा शॉर्ट सर्किट या खाना बनाते समय हुई किसी लापरवाही की ओर इशारा कर रहा है। प्रशासन अब नुकसान का जायजा ले रहा है ताकि प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सहायता पहुंचाई जा सके।

बढ़ती गर्मी और फायर सेफ्टी पर सवाल

अप्रैल के महीने में तापमान बढ़ने के साथ ही गुरुग्राम में आगजनी की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। सेक्टर-37डी की यह घटना उन हजारों झुग्गियों के लिए चेतावनी है जो खुले बिजली के तारों और ज्वलनशील सामग्री के बीच बसी हुई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को हड़ताल खत्म करवाकर सेवाओं को बहाल करना चाहिए, क्योंकि साइबर सिटी जैसे संवेदनशील इलाके में आग से निपटने के लिए प्रशिक्षित बल का होना अनिवार्य है। फिलहाल मौके पर कूलिंग का काम पूरा कर लिया गया है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

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